फर्जी ई-चालान में गवाए Rs 5.88 लाख
'एम परिवहन' के नाम पर भेजी APK फाइल, व्यापारी के बेटे और दो भतीजों के बैंक खाते बने निशान, लकड़गंज में मामला दर्ज
नागपुर.
एक मैसेज, एक APK फाइल और बैंक खातों से लाखों रुपये गायब. साइबर ठगों ने फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के नाम पर व्यापारी को जाल में फंसाकर 5.88 लाख का चूना लगा दिया. साइबर अपराधियों ने व्यापारी के बेटे और दो भतीजों को शिकार बनाया है.
वर्धमान नगर निवासी 78 वर्षीय व्यापारी सुभाष झाम के बेटे की कपड़ों की दुकान है, जबकि उनके दो भतीजे भी कपड़ों और टेक्सटाइल के कारोबार से जुड़े हैं. इन बैंक खातों के साथ झाम का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड था. 11 अक्टूबर को झाम के मोबाइल पर एक मैसेज आया. इसमें उनकी गाड़ी पर ट्रैफिक चालान होने की बात कही गई थी. मैसेज के साथ 'एम परिवहन' के नाम से एक APK फाइल भी भेजी गई थी. चालान की जानकारी पाने के इरादे से व्यापारी ने फाइल खोल ली, लेकिन स्क्रीन पर कोई खास जानकारी दिखाई नहीं दी. APK फाइल का इस्तेमाल साइबर ठगों ने धोखाधड़ी के लिए किया.
11 अक्टूबर को मैसेज, 22 अक्टूबर को खुला ठगी का राज
22 अक्टूबर को व्यापारी को पता चला कि उनके बेटे और दोनों भतीजों के बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 5 लाख 88 हजार रुपये निकल चुके हैं. एक ही परिवार के तीन बैंक खातों से रकम डेबिट होने की शिकायत ने मामले को गंभीर बना दिया है. साइबर ठगों ने किस तरह खातों तक पहुंच बनाई, रकम कहां ट्रांसफर की गई और क्या इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल है इन सवालों के जवाब अब पुलिस की जांच में तलाशे जा रहे हैं. फर्जी ई-चालान के नाम पर भेजी गई APK फाईल से ठगी किए जाने की घटनाएं पहले भी कई मर्तबा सामने आई है. लकड़गंज पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बाइट : मुकुंद कवाडे, लकड़गंज थाना
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