फडणवीस 23 अक्टूबर को नागपुर में करेंगे न्यूएरा हॉस्पिटल्स के 300 बेड के अस्पताल का उद्घाटन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्धमान नगर में न्यूएरा हॉस्पिटल्स के नए अस्पताल का उद्घाटन 23 अक्टूबर को करेंगे।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 23 अक्टूबर को नागपुर के वर्धमान नगर में न्यूएरा हॉस्पिटल्स (NewEra Hospitals) के 300 बेड वाले फ्लैगशिप अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। इसे विदर्भ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।
अस्पताल का मकसद एक ही छत के नीचे आधुनिक सर्जरी की तकनीक, डायग्नोस्टिक इमेजिंग, क्रिटिकल केयर मॉनिटरिंग और स्पेशलाइज्ड मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराना है। उम्मीद जताई गई है कि इससे नागपुर और आसपास के जिलों के मरीजों को खास इलाज आसानी से मिलेगा और कुछ प्रक्रियाओं के लिए उन्हें दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
अस्पताल की सबसे बड़ी खासियतों में रोबोटिक सर्जरी का कार्यक्रम है। इसमें सिंगल-पोर्ट और मल्टी-पोर्ट, दोनों तरह के रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम होंगे। न्यूएरा हॉस्पिटल्स के मुताबिक यहां वह भारत का पहला सिंगल-पोर्ट सर्जिकल रोबोट लाने जा रहा है, जैसा कि अस्पताल खुद बताता है। सिंगल-पोर्ट रोबोटिक सर्जरी में चुनिंदा प्रक्रियाएं एक ही प्रवेश बिंदु से की जाती हैं, जबकि मल्टी-पोर्ट सिस्टम में कई प्रवेश बिंदु इस्तेमाल होते हैं।
ये तकनीकें कम चीरे वाली सर्जरी के लिए बनाई गई हैं और इनमें बेहतर विजुअलाइजेशन, सटीकता और उपकरणों पर कंट्रोल मिलता है। अस्पताल के अनुसार इनका सही होना और फायदा कितना मिलेगा, यह प्रक्रिया, मरीज की हालत और इलाज करने वाले सर्जन के आकलन पर निर्भर करता है।
डायग्नोस्टिक के लिए भी अस्पताल में आधुनिक मशीनें लगेंगी। इनमें AI से लैस 3T MRI है, जो कई तरह की बीमारियों के आकलन के लिए बारीक इमेजिंग देने के लिए बनी है। दूसरी मशीन AI से लैस 256-स्लाइस CT स्कैनर है, जिसका मकसद कई क्लिनिकल जरूरतों के लिए विस्तृत क्रॉस-सेक्शनल इमेजिंग करना है। तीसरी मशीन Hologic 3D मैमोग्राफी है, जो स्तन की जांच और संदिग्ध नतीजों के आकलन के लिए एडवांस्ड इमेजिंग तकनीक है।
अस्पताल की योजना है कि वह 256-स्लाइस CT तकनीक का इस्तेमाल दिल की इमेजिंग के लिए भी करेगा। इसमें जरूरत वाले मरीजों में कोरोनरी धमनियों का बिना चीर-फाड़ वाला आकलन शामिल है।
न्यूएरा हॉस्पिटल्स ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर और इंटेंसिव केयर यूनिट में AI पर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इनसे मरीजों और उनके क्लिनिकल पैरामीटर पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। यह तकनीक मेडिकल टीम को जरूरी बदलावों को पहचानने और वक्त पर क्लिनिकल आकलन करने में मदद के लिए है, जबकि फैसले योग्य स्वास्थ्य पेशेवरों के हाथ में ही रहेंगे।
रिहैबिलिटेशन सेवाओं के तहत अस्पताल रोबोटिक फिजियोथेरेपी भी शुरू करेगा। बताया गया है कि तकनीक की मदद से होने वाला रिहैबिलिटेशन चुनिंदा मरीजों के लिए गाइडेड और बार-बार दोहराई जाने वाली थेरेपी वाली हरकतों में सहारा दे सकता है, और साथ में हर मरीज के हिसाब से इलाज की योजना भी रहेगी।
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