लकड़गंज पुलिस ने 37 दिन बाद ढूंढे लापता राजूभाई पांड्या, नागपुर स्टेशन परिसर में मिले
नागपुर के वर्धमान नगर के 62 साल के राजूभाई पांड्या 37 दिन की तलाश के बाद नागपुर रेलवे स्टेशन के टेकड़ी रोड परिसर में मिले।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के वर्धमान नगर में रहने वाले 62 साल के राजेश उर्फ राजूभाई पांड्या आखिरकार मिल गए हैं। लकड़गंज पुलिस उन्हें पूरे 37 दिन तक ढूंढती रही। वे नागपुर रेलवे स्टेशन के टेकड़ी रोड परिसर में मिले। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, गुप्त सूचनाओं, सीसीटीवी फुटेज और इलाके में की गई जांच के आधार पर उनका पता लगाया।
मामला सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी अहम था, इसलिए पुलिस के सामने उन्हें खोज निकालने की बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने जांच सिर्फ नागपुर शहर तक सीमित नहीं रखी। सात राज्यों और महाराष्ट्र के 21 जिलों में तलाश की गई।
लकड़गंज पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 597/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 138 में मामला दर्ज है। इसी मामले में राजूभाई की तलाश चल रही थी। उनके लापता होने के बाद पुलिस ने सबसे पहले रिश्तेदारों, दोस्तों, जान-पहचान वालों और सामाजिक संपर्कों से जानकारी जुटाई। हर सूचना की पुष्टि करके संभावित ठिकानों की पहचान की गई। जांच का दायरा बढ़ाया गया और अलग-अलग जगहों पर खास पुलिस टीमें भेजी गईं।
महाराष्ट्र के साथ दूसरे राज्यों में भी खोज चली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, परासिया समेत कई संभावित जगहों पर पुलिस टीमों ने खुद जाकर जांच की। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, लॉज, धर्मशाला, धार्मिक स्थल और गोशालाओं में जाकर पूछताछ हुई। संबंधित जिलों के स्थानीय पुलिस थानों, क्राइम ब्रांच और दूसरी एजेंसियों से संपर्क करके जानकारी का लेन-देन किया गया।
पुलिस ने तकनीक का भी इस्तेमाल किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, उपलब्ध डिजिटल जानकारी और दूसरे तकनीकी इनपुट का विश्लेषण हुआ। NATGRID, CCTNS और ICJS जैसे सिस्टम से मिली काम की जानकारी के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई गई।
नागपुर शहर समेत अलग-अलग संभावित जगहों के करीब 75 सीसीटीवी फुटेज देखे गए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, अस्पताल और सार्वजनिक जगहों की रिकॉर्डिंग से उनकी आवाजाही का पता लगाने की कोशिश हुई।
करीब 125 लोगों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने रिश्तेदारों, दोस्तों, जान-पहचान वालों और दूसरे संबंधित लोगों से पूछताछ की और मिली जानकारी की जांच की। नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण और दूसरे संभावित इलाकों में 67 गोशालाओं और 89 धार्मिक स्थलों से जुड़ी जानकारी भी खंगाली गई।
तलाश को और व्यापक बनाने के लिए सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप, डिजिटल संदेशों और समाचार माध्यमों की मदद ली गई, ताकि जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे और कहीं से भी सूचना मिले तो तलाश आगे बढ़ सके। अंतरराज्यीय पुलिस तंत्र और स्थानीय एजेंसियों से तालमेल रखते हुए अलग-अलग टीमों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण होता रहा।
37 दिन की इस मुहिम के बाद पुलिस को गुप्त सूचना से अहम सुराग मिला। तकनीकी जांच और इलाके में की गई पड़ताल को जोड़कर लकड़गंज पुलिस की टीम ने नागपुर रेलवे स्टेशन के टेकड़ी रोड परिसर में राजेश उर्फ राजूभाई पांड्या को ढूंढ निकाला।
यह अभियान वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मुकुंद कावडे के नेतृत्व में पुलिस उपनिरीक्षक बालाजी माने और पुलिसकर्मी प्रकाश, आनंद, विशाल और मयूर ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक, मूल पुलिस रिपोर्ट में भी सात राज्यों और महाराष्ट्र के 21 जिलों में तलाश का जिक्र है।