पश्चिम एशिया के संघर्ष में अब तक 23 भारतीयों की मौत, इनमें 15 नाविक: विदेश मंत्रालय
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ओमान के पास जहाज पर हुए हमले में एक और भारतीय की जान गई, जबकि 13 को सुरक्षित बचा लिया गया।
पश्चिम एशिया के संघर्ष (West Asia Conflict) की आंच भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को हफ्ते की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक 23 भारतीयों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 15 भारतीय नाविक शामिल हैं।
इस आंकड़े में ताजा इजाफा ओमान के पास हुए एक हमले से हुआ है। जायसवाल के मुताबिक, दो नवंबर को ओमान के तट के नजदीक एक जहाज पर हमला हुआ और उसमें एक भारतीय की जान चली गई। उस जहाज पर कुल 14 भारतीय क्रू मेंबर थे। इनमें से 13 को सुरक्षित बचा लिया गया। इस बचाव के लिए भारत ने ओमान सरकार का शुक्रिया अदा किया है।
जायसवाल ने याद दिलाया कि इससे पहले बताया गया था कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में 22 भारतीयों की मौत हुई है, जिनमें 14 नाविक थे। अब ओमान के पास जहाज पर हुए हमले में एक और भारतीय की मौत होने से यह संख्या बढ़कर 23 हो गई है, और इनमें नाविकों की तादाद 15 है।
इसी हमले को लेकर मंत्रालय ने ओमान के लीमाह इलाके के पास कमर्शियल जहाज 'एमएसव्ही अल जुसुफी' पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। जहाज पर मौजूद 14 भारतीयों में से 13 बचा लिए गए, लेकिन एक भारतीय की गंभीर चोटों की वजह से मौत हो गई। भारत ने इस घटना पर दुख जताया है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि हमले में बचे 13 भारतीयों को जल्द से जल्द वतन लाने की प्रक्रिया चल रही है। जिस भारतीय की मौत हुई, उनका पार्थिव शरीर भारत लाने का इंतजाम भी किया जा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, ओमान में भारतीय दूतावास हालात पर नजर रखे हुए है और ओमान सरकार के साथ तालमेल बनाकर काम कर रहा है।
काला सागर (Black Sea) इलाके में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने बताया कि वहां अब तक 5 भारतीयों की मौत हुई है और 2 भारतीय अब भी लापता हैं। इन घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कमर्शियल जहाजों पर होने वाले हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है। भारत ने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे बातचीत और कूटनीति के रास्ते से संघर्ष सुलझाएं। भारत चाहता है कि तनाव फौरन कम हो और कूटनीतिक चर्चा के जरिए हल निकालने का काम तेजी से पूरा किया जाए।
भारत की मांग है कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद किया जाए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक समुद्री रास्तों पर आवाजाही और व्यापार बिना रुकावट चलता रहे। भारत ने उम्मीद जताई है कि इस इलाके में जल्द शांति कायम हो और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित और खुली आवाजाही फिर से सामान्य हो जाए।
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