फ्लायदुबई 1073: कॉकपिट में हमले के बाद पकड़े गए ओमान के को-पायलट ने कहा, मुझे मार दो
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर विमान गिराने की कोशिश की। प्रवाशों ने उसे पकड़ लिया।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट 1073 में हवा में ऐसी घटना हुई, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। विमान के मुख्य कैप्टन स्मित मच्छर पर अचानक जानलेवा हमला हुआ। आरोप है कि ओमान के को-पायलट ने विमान को करीब 14,000 फुट नीचे ले जाकर उसे गिराने की कोशिश की। कैप्टन घायल थे, फिर भी उन्होंने हिम्मत दिखाई और प्रवाशों ने फौरन मदद की, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।
कॉकपिट में मौजूद जॉर्जिया के दांतों के डॉक्टर डॉ. शोटा मुसायेव ने कैप्टन का इलाज किया था। उन्होंने मीडिया के सामने पूरा वाकया बयान किया है। डॉ. मुसायेव ने बताया कि कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी बची हुई ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। दरवाजा खुलते ही कुछ बहादुर यात्री तुरंत अंदर घुस गए।
डॉ. मुसायेव के मुताबिक यात्रियों ने ओमान में जन्मे उस को-पायलट को पकड़ा, उसे कसकर बांधा और जमीन पर गिरा दिया। उस वक्त उसके चेहरे और शरीर से खून बह रहा था। खुद को बेबस देखकर और यह समझकर कि उसकी चाल नाकाम हो गई, वह चिल्लाने लगा। वह कहने लगा, "मुझे जिंदा मत छोड़ो, मुझे अभी मार डालो।" लेकिन यात्रियों ने उसकी बात अनसुनी कर दी और तय किया कि उसे सुरक्षित तरीके से पुलिस के हवाले किया जाएगा।
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक को-पायलट कॉकपिट के कंट्रोल पैनल पर खड़ा हो गया था और उसने विमान का कंट्रोल बिगाड़ने की कोशिश की। इससे विमान तेजी से नीचे आने लगा था। गंभीर चोट लगने के बावजूद मुख्य पायलट स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे बाहर बैठे यात्रियों को अंदर आने का मौका मिला। विमान में मौजूद दूसरे ऑफ-ड्यूटी पायलटों और यात्रियों की मदद से विमान पर दोबारा कंट्रोल पाया गया और उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया।
इसके बाद सऊदी प्रशासन ने फौरन कार्रवाई करते हुए को-पायलट को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे आगे की जांच के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हवाले कर दिया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में को-पायलट और मुख्य कैप्टन के बीच हुए विवाद का जिक्र है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहा जा रहा है कि इसके पीछे इससे ज्यादा गंभीर वजहें हैं।
अलग-अलग देशों के नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने निजी विवाद की थ्योरी को खारिज कर दिया और इसे कट्टरपंथी हमला बताया। उनके मुताबिक ओमान का यह को-पायलट बेहद कट्टर विचारों से प्रभावित था। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शक जताया है कि यह को-पायलट ईरान के असर में काम कर रहा होगा।
सहकर्मियों से मिली जानकारी के मुताबिक यह को-पायलट काम की जगह पर बहुत कम बोलता था और बेहद रूढ़िवादी सोच का था। वह विमान की महिला क्रू मेंबर्स या यात्रियों से सामान्य हाथ मिलाने से भी मना कर देता था। वह सिर्फ आठ महीने पहले ही फ्लायदुबई कंपनी से जुड़ा था। फिलहाल UAE और दूसरी अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां इस घटना के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।