महाराष्ट्र इन्वेस्टमेंट समिट में 67 करार, 8 लाख 57 हजार 452 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
समिट में हुए सहमति करारों से 2 लाख 91 हजार 109 नए रोजगार बनने की उम्मीद है। डेटा सेंटर, आईटी और सेमीकंडक्टर सबसे आगे रहे।
हाल ही में हुई महाराष्ट्र इन्वेस्टमेंट समिट में राज्य के लिए बड़े निवेश के करार हुए हैं। समिट में कुल 67 सहमति करार (एमओयू) हुए और इनके तहत 8 लाख 57 हजार 452 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव आया है। राज्य के उद्योग जगत में इसे बड़ी खबर माना जा रहा है, क्योंकि इससे नौजवानों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
इन सभी करारों से पूरे महाराष्ट्र में 2 लाख 91 हजार 109 नए रोजगार बनने की उम्मीद जताई गई है। कहा जा रहा है कि इससे राज्य में बेरोजगारी की समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी और युवाओं को अपने ही राज्य में काम के अच्छे मौके मिलेंगे। समिट में अलग-अलग सेक्टरों को साथ लेकर चलने और आगे की जरूरतों पर खास ध्यान देने की बात भी सामने आई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में महाराष्ट्र सरकार और 65 कंपनियों के बीच एमओयू पर दस्तखत हुए और उनका आदान-प्रदान किया गया। उसी जानकारी में लगभग 8.5 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 2.91 लाख रोजगार के मौकों का जिक्र है।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो डेटा सेंटर, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) और सेमीकंडक्टर सबसे आगे रहे। इन हाई-टेक सेक्टरों में 4 लाख 15 हजार 490 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके अलावा ऊर्जा, क्लीनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी एनर्जी और कम्प्रेस्ड बायोगैस के क्षेत्र में 1 लाख 2 हजार 519 करोड़ रुपये के करार हुए हैं।
बाकी सेक्टरों की बात करें तो एयरोस्पेस और डिफेंस में 27 हजार 930 करोड़ रुपये का निवेश तय हुआ है। मेटल्स और माइनिंग में 75 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर मुहर लगी है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 12 हजार 651 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य सेक्टर में 6 हजार 500 करोड़ रुपये और स्टील उत्पादन में 7 हजार करोड़ रुपये के करार हुए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और निर्माण सामग्री के क्षेत्र में 18 हजार 751 करोड़ रुपये का निवेश आने वाला है।
केमिकल्स, खेती, सेवा और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) जैसे उभरते सेक्टरों में 8 हजार 801 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। वहीं दूसरे अलग-अलग सेक्टरों में 1 लाख 82 हजार 810 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। करारों की गिनती देखें तो एयरोस्पेस और डिफेंस में 10 और ऊर्जा में भी 10 अहम करार हुए हैं।
कहा जा रहा है कि इस सारे निवेश से दुनिया के स्तर पर महाराष्ट्र का औद्योगिक असर बढ़ेगा और राज्य आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत और आगे बन सकेगा। ये निवेश और रोजगार अभी करारों के स्तर पर प्रस्तावित और अपेक्षित आंकड़े हैं।