मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:24 IST

पीएम किसान: एक ही घर के पिता और बेटे को अलग-अलग 2000 रुपये मिलेंगे या नहीं, क्या है नियम

पीएम किसान योजना में पिता और बेटा एक ही परिवार के हों तो अलग किस्त नहीं मिलती। बालिग बेटा अलग पात्र हो सकता है, अगर उसके नाम जमीन और अपना राशन कार्ड हो।

पीएम किसान: एक ही घर के पिता और बेटे को अलग-अलग 2000 रुपये मिलेंगे या नहीं, क्या है नियम
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में एक सवाल कई किसानों के मन में है। अगर पिता और बेटा दोनों खेती करते हैं, तो क्या दोनों को 2,000 रुपये की अलग-अलग किस्त मिल सकती है? क्या दोनों एक साथ इस योजना का फायदा ले सकते हैं? इसका जवाब योजना के नियमों में है।

पहले योजना को एक बार समझ लें। भारत सरकार पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। यह रकम 2000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा होती है। इस साल अब तक दो किस्तें आ चुकी हैं और किसान तीसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

अब असली सवाल पर आते हैं। अगर पिता और बेटा एक ही किसान परिवार के हैं, तो नियम के हिसाब से उन्हें अलग-अलग किस्तें नहीं मिलेंगी। इस योजना में पूरे परिवार को एक इकाई माना जाता है। मिसाल के तौर पर, अगर जमीन के रिकॉर्ड में पिता, माता और नाबालिग बच्चे एक ही किसान परिवार में दर्ज हैं, तो पात्र होने पर पूरे परिवार को साल भर में कुल 6,000 रुपये ही मिलेंगे। यह रकम 2,000 रुपये की तीन किस्तों में खाते में आती है।

इसमें एक अपवाद भी है, और वह बालिग बच्चों से जुड़ा है। उनके लिए नियम अलग हैं। अगर पिता और बेटा एक ही घर में रहते हैं या उनका राशन कार्ड एक ही है, तो परिवार के सिर्फ एक सदस्य को यानी पिता को यह फायदा मिलेगा।

यहां एक अहम फर्क समझना जरूरी है। पीएम किसान योजना में परिवार की जो परिभाषा है, उसमें नाबालिग बच्चे शामिल हैं। इसी वजह से बालिग बेटे का दर्जा अलग हो सकता है। अगर बेटा अलग किसान परिवार के तौर पर पात्र बनता है और उसके नाम पर खेती की जमीन का वैध रिकॉर्ड है, तो उसकी पात्रता अलग से तय की जा सकती है।

सिर्फ इतना काफी नहीं है कि बेटा किसान है। इस बात से उसे अलग पीएम किसान लाभ का हक नहीं मिल जाता। जमीन की मालिकी और योजना के बाकी नियम भी देखे जाते हैं। अगर बेटे के पास अपना अलग राशन कार्ड है और राजस्व रिकॉर्ड में उसके नाम पर अलग खेती की जमीन दर्ज है, तो वह भी योजना का फायदा ले सकता है।

यानी सीधा हिसाब यह है कि एक ही परिवार में पिता और बेटे को दो अलग-अलग 2,000 रुपये की किस्तें नहीं मिलतीं। बालिग बेटा तभी अलग फायदा पा सकता है जब वह अपने राशन कार्ड और अपने नाम की जमीन के रिकॉर्ड के साथ स्वतंत्र किसान परिवार के तौर पर पात्र ठहरे।

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