अमेरिका में पिछले महीने सिर्फ 29 हजार नई नौकरियां जुड़ीं, बेरोजगारी दर 4.2 फीसदी
नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका के रोजगार बाजार में सुस्ती दिखी है और बेरोजगारी की दर बढ़कर 4.2 टक्का हो गई है।
अमेरिका के रोजगार बाजार से चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले, पिछले महीने अमेरिका के नियोक्ताओं ने सिर्फ 29 हजार नई नौकरियां जोड़ीं। नौकरियां बनने की यह रफ्तार उम्मीद से कम मानी जा रही है, और इसी बीच बेरोजगारी की दर बढ़कर 4.2 टक्का हो गई है।
कहा जा रहा है कि रोजगार बाजार की इस गिरावट का असर अमेरिका में ग्राहकों के भरोसे, खर्च और पूरे आर्थिक माहौल पर पड़ सकता है।
नौकरियों का आंकड़ा बताता है कि बाजार में मांग और मौजूद मौकों की हालत क्या है। पिछले महीने सिर्फ 29 हजार नई नौकरियां बनीं, इससे लगता है कि कंपनियां नई भर्ती को लेकर ज्यादा सावधान हो गई हैं।
अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता, कारोबार पर बढ़ता खर्च और बाजार में हो रहे बदलाव रोजगार पर असर डाल सकते हैं। अमेरिका के केंद्रीय बैंक, सरकार और निवेशकों की नजर रोजगार के आंकड़ों पर खास तौर से रहती है। वजह यह है कि रोजगार की हालत मजबूत हो तो लोगों की कमाई और खर्च बढ़ने में मदद मिलती है। लेकिन नई नौकरियां कम हों तो आर्थिक वृद्धि की रफ्तार पर सवाल उठ सकते हैं।
नौकरियां कम बनने के साथ ही अमेरिका में बेरोजगारी की दर बढ़कर 4.2 टक्का पर पहुंच गई है। इसलिए नई नौकरी ढूंढ रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए अब यह काम आसान नहीं रहा। उन सबको अब पसीना छूट रहा है।
बेरोजगारी बढ़ने से परिवारों की कमाई पर दबाव आने के संकेत बन गए हैं। इसका असर घरेलू खर्च और ग्राहकों की मांग पर भी हो सकता है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था में ग्राहकों का खर्च एक अहम हिस्सा है। इसलिए अगर रोजगार बाजार की कमजोरी बनी रही तो इसका असर व्यापक स्तर पर आर्थिक हालात पर पड़ने की संभावना है। हालांकि सिर्फ एक महीने के आंकड़े से पूरी अर्थव्यवस्था की दिशा तय करना ठीक नहीं होगा, इसलिए अगले महीने आने वाले आंकड़े भी उतने ही अहम हैं।
नवंबर में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव हैं और इस पृष्ठभूमि में रोजगार और अर्थव्यवस्था अहम मुद्दे बन सकते हैं। नौकरी, कमाई, महंगाई और खर्च सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालते हैं, और इनका असर राजनीतिक हालात पर भी पड़ता है।
नौकरियां बनने में सुस्ती और बेरोजगारी में बढ़ोतरी की वजह से अमेरिका की आर्थिक हालत पर फिर बहस हो सकती है। सरकार के सामने रोजगार बाजार को स्थिर करने की चुनौती रहेगी। आने वाले समय में बाजार की नजर भर्ती, वेतन बढ़ोतरी और बेरोजगारी की दर पर रहेगी। आगे आने वाली रोजगार रिपोर्ट अमेरिका की दिशा समझने के लिए अहम होगी।