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20:33 IST

नवरात्रि उपवास: डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज डॉक्टरों की इन बातों पर दें ध्यान

शारदीय नवरात्र शुरू हो गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उपवास के दौरान खाए जाने वाले पदार्थों से भी ब्लड शुगर बढ़ सकती है, और लंबे उपवास से कुछ मरीजों में शुगर घट भी सकती है।

नवरात्रि उपवास: डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज डॉक्टरों की इन बातों पर दें ध्यान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

शारदीय नवरात्र शुरू हो चुके हैं और कई लोग नौ दिन का उपवास रखते हैं। कहा जाता है कि धार्मिक नजरिए से हटकर उपवास सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद है। लेकिन उपवास में जो चीजें खाई जाती हैं, उनसे ब्लड शुगर बढ़ती है या नहीं, इसे लेकर लोगों में कन्फ्यूजन है। लोग अक्सर मान लेते हैं कि उपवास में खाई जाने वाली लगभग हर चीज सेहत के लिए अच्छी होती है।

डायबिटीज के मरीजों को अक्सर लगता है कि उपवास के दौरान खाए गए खाने से ब्लड शुगर नहीं बढ़ती। डॉक्टरों का कहना है कि यह गलतफहमी है। उनके मुताबिक साबूदाना, आलू, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने पदार्थों में भी कार्बोहाइड्रेट होते हैं, और इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने पर ब्लड शुगर बढ़ सकती है।

खास तौर पर साबूदाने की खिचड़ी, आलू और तले हुए कुट्टू की पूरियां सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए। इसी के साथ, लंबे समय तक उपवास करने से कुछ मरीजों में ब्लड शुगर का स्तर नीचे भी जा सकता है। यह खासकर उन मरीजों के साथ हो सकता है जो इंसुलिन या शुगर घटाने वाली कुछ खास दवाएं ले रहे हैं।

उपवास के दौरान किन बातों का ध्यान रखा जाए, इस पर बताया गया है कि सिर्फ यह नहीं देखना चाहिए कि क्या खा रहे हैं, बल्कि यह भी कि कितना खा रहे हैं। फल, दही, चीज और फाइबर वाला संतुलित आहार लेने, खूब पानी पीने और नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करने की बात कही गई है। उपवास के हिसाब से दवा लेने का समय और मात्रा डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही बदलनी चाहिए।

विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के हर मरीज के लिए लंबे समय तक उपवास रखना सुरक्षित नहीं है। यह खासकर उनके लिए सही नहीं है जो इंसुलिन या ब्लड शुगर घटाने वाली दवाएं लेते हैं। ऐसे में हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ सकता है, यानी वह हालत जिसमें ब्लड शुगर काफी नीचे चली जाती है। इसके अलावा, लंबे समय तक कुछ न खाने से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है।

डायबिटीज में उपवास के दौरान शुगर का स्तर गिरने पर कमजोरी, पसीना आना, चक्कर आना, घबराहट और उलझन जैसे लक्षण दिख सकते हैं। दवाओं के असर की बात करें तो कुछ डायबिटीज की दवाओं और इंसुलिन की वजह से खाना सीमित करने पर ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा गिर सकती है। टाइप 1 डायबिटीज वाले, इंसुलिन लेने वाले, जिनकी शुगर बार-बार गिरती है, या जिन्हें किडनी या दिल की बीमारी है, उन्हें मेडिकल सलाह के बिना लंबा उपवास करने से बचना चाहिए।

यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है।

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