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21:14 IST

नवरात्रि के तीसरे दिन 13 अक्टूबर को पहना जाएगा लाल रंग, होगी माता चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्रि की तृतीया पर देवी चंद्रघंटा की पूजा होती है और इस दिन लाल रंग पहनने की परंपरा है। जानिए इस रंग की मान्यता और पूजा में इसका इस्तेमाल।

नवरात्रि के तीसरे दिन 13 अक्टूबर को पहना जाएगा लाल रंग, होगी माता चंद्रघंटा की पूजा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नवरात्रि के हर दिन का एक तय रंग होता है। तीसरे दिन, यानी तृतीया को देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है और इस दिन लाल रंग पहनने की परंपरा है। तारीख के हिसाब से यह दिन 13 अक्टूबर, मंगलवार को पड़ रहा है।

लाल रंग को सिर्फ एक रंग नहीं माना जाता। उसे ऊर्जा, पराक्रम, प्रेम और भक्ति का प्रतीक कहा जाता है। तृतीया तिथि पर लाल रंग का क्या महत्व है और उसकी आध्यात्मिक खासियत क्या बताई जाती है, यह आगे विस्तार से है।

हिंदू धर्म में लाल रंग को बहुत पवित्र और शुभ माना गया है। देवी की पूजा में लाल कपड़े, लाल फूल (खासकर जास्वंद और गुलाब) और कुमकुम का खास महत्व है।

तीसरे दिन जिन माता चंद्रघंटा की पूजा होती है, वे आठ भुजाओं वाली हैं और उनके माथे पर चावल के आकार का अर्धचंद्र है। देवी का यह रूप आक्रामक है, लेकिन भक्तों के लिए वे बेहद सौम्य और कृपालु हैं। लाल रंग उनके इसी शक्ति और करुणा वाले रूप को दर्शाता है।

लाल रंग को अग्नि और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मानव शरीर के मूलाधार चक्र को भी लाल रंग से जुड़ा माना जाता है, जो इंसान को मानसिक स्थिरता और शारीरिक ताकत देता है। मान्यता है कि इस दिन लाल कपड़े पहनने से मन के नकारात्मक विचार दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बनती है।

एक तरफ लाल रंग प्रेम, वात्सल्य और समर्पण का प्रतीक है, तो दूसरी तरफ वह शौर्य और बुरी शक्तियों के खिलाफ लड़ाई को भी दिखाता है।

पूजा में लाल रंग के इस्तेमाल की बात करें तो तृतीया के दिन लाल साड़ी, कुर्ता या कोई पारंपरिक पोशाक पहनकर देवी की पूजा करना बहुत फलदायी माना जाता है। पूजा के दौरान देवी को लाल चुनरी, लाल फूल और कुमकुम अर्पित किया जाता है। इस दिन देवी को गुड़ या लाल रंग की मिठाई का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है।

नवरात्रि का तीसरा दिन जीवन में नया उत्साह, धैर्य और प्रेम भरने का दिन बताया गया है। लाल रंग पहनकर और माता चंद्रघंटा की भक्तिभाव से उपासना करके इस दिन को आनंद के साथ मनाया जा सकता है।

नौ दिनों के रंग इस तरह हैं। पहला दिन 11 अक्टूबर, रविवार, शैलपुत्री पूजा: नारंगी या केसरी। दूसरा दिन 12 अक्टूबर, सोमवार, ब्रह्मचारिणी पूजा: सफेद। तीसरा दिन 13 अक्टूबर, मंगलवार, चंद्रघंटा पूजा: लाल।

चौथा दिन 14 अक्टूबर, बुधवार, कूष्मांडा पूजा: रॉयल ब्लू। पांचवां दिन 15 अक्टूबर, गुरुवार, स्कंदमाता पूजा: पीला। छठा दिन 16 अक्टूबर, शुक्रवार, कात्यायनी पूजा: हरा।

सातवां दिन 17 अक्टूबर, शनिवार, कालरात्रि पूजा: ग्रे। आठवां दिन 18 अक्टूबर, रविवार, महागौरी पूजा: बैंगनी। नौवां दिन 19 अक्टूबर, सोमवार, सिद्धिदात्री पूजा: मोरपंखी हरा।

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