नवरात्रि से पहले काले पड़े तांबे के कलश को घर पर ही चमकाने का आसान नुस्खा
घटस्थापना से पहले तांबे के कलश पर जमा काला थर घर में मौजूद सामान से हटाने का तरीका और चमक बनाए रखने की टिप।
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शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। नवरात्रि का आखिरी दिन 19 अक्टूबर को होगा और 20 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा।
नवरात्रि की शुरुआत घर में कलश की घटस्थापना से की जाती है। कई लोग इस पूजा में तांबे के कलश का इस्तेमाल करते हैं। दिक्कत यह है कि तांबे के कलश रोज़ इस्तेमाल में नहीं आते। इसलिए त्योहार के वक्त अचानक उसे बाहर निकाला जाए, तो उस पर काफी गंदगी जमी हुई मिलती है।
काले पड़ चुके इस कलश को फिर से नए जैसा चमकाने में आम तौर पर काफी मेहनत लगती है। लेकिन सही और आसान घरेलू ट्रिक अपनाई जाए, तो बिना ज्यादा मेहनत के कलश को आईने जैसी चमक दी जा सकती है।
इसके लिए जिन चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी, वे ये हैं: एक से दो कप विनेगर, दो से तीन चम्मच नमक, नींबू का रस, नींबू का छिलका, क्लीनिंग सॉल्यूशन या बर्तन धोने का लिक्विड, और पानी।
क्लीनिंग लिक्विड बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में पानी लीजिए। उसमें ज़रूरत के हिसाब से विनेगर डालिए। इसके बाद दो से तीन चम्मच नमक डालें और एक नींबू का रस निचोड़कर मिला दें। सारी चीज़ें अच्छी तरह घुल जाएं, तो उसमें क्लीनिंग सॉल्यूशन या बर्तन धोने का लिक्विड डालकर फिर से मिलाइए। इस तरह घोल तैयार है और इसी से तांबे के कलश की सफाई की जाएगी।
अगर तांबे के बर्तन पर बहुत जिद्दी दाग जमे हों, तो बर्तन या कलश को इस घोल में एक घंटे तक भिगोकर रखिए। उसके बाद स्क्रबर की मदद से हल्के हाथ से रगड़ें और जमी हुई सारी गंदगी साफ कर लें। इस घोल की वजह से बर्तनों पर जमा काला थर अपने आप निकलने लगता है, इसलिए ज़्यादा ज़ोर लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
कलश साफ हो जाने के बाद उसकी चमक को टिकाए रखना भी ज़रूरी है। तांबे के बर्तन घिसने के फौरन बाद सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लीजिए। ध्यान रखें कि बर्तन पर पानी की एक बूंद भी न रहे। तांबे के बर्तनों पर ज़्यादा देर तक पानी रह जाए, तो उन पर हरा थर बन जाता है। इसके उलट, बर्तन को तुरंत सुखाकर और पोंछकर रखा जाए, तो वह जल्दी काला नहीं पड़ता।