नवरात्रि का पहला दिन: घटस्थापना के साथ देवी शैलपुत्री की पूजा, केसरी रंग का महत्व
नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना होगी और देवी शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नवरात्रि देवी दुर्गा की उपासना का एक अहम त्योहार है। इन नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस साल नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना की जाती है और देवी शैलपुत्री की पूजा होती है। इस बार पहले दिन केसरी रंग को भी खास अहमियत दी गई है।
नवरात्रि शुरू करने से पहले घट और खासकर देवघर को साफ कर लेना चाहिए। घटस्थापना से पहले पूजा की जगह की सफाई भी ज़रूरी बताई गई है।
पहले दिन कलश की स्थापना को मुख्य विधि माना जाता है। कलश में पानी भरकर उसमें आम या दूसरे उपलब्ध पत्तों की पत्तियां और नारियल रखा जाता है। कई परिवारों में कलश के नीचे अनाज बोने की परंपरा भी है। इस साल घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 06:08 बजे शुरू होता है और 10:03 बजे तक रहेगा।
नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के शैलपुत्री रूप की पूजा होती है। देवी को फूल, अक्षता और नैवेद्य अर्पित कर आरती की जाती है। इस दिन देवी शैलपुत्री को सादा, सात्विक और घर की परंपरा के मुताबिक तैयार किया गया नैवेद्य चढ़ाने की प्रथा है।
माता शैलपुत्री को गाय के घी का नैवेद्य अर्पित करने की धार्मिक मान्यता हर जगह मिलती है। इसलिए पहले दिन घी से बना शिरा, खीर या कोई मीठा पकवान नैवेद्य के तौर पर रखा जाना चाहिए। कुछ परंपराओं के अनुसार घी के साथ केले या दूसरे फल भी चढ़ाए जाते हैं।
इस बार नवरात्रि के पहले दिन केसरी रंग का खास महत्व है। केसरी रंग को उत्साह, ऊर्जा, धैर्य, त्याग और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। भगवा या केसरी रंग भारतीय धार्मिक परंपरा में साधना, अध्यात्म और वैराग्य से जोड़ा जाता है। इस दिन केसरी रंग के कपड़े पहनना और देवी को केसरी रंग के फूल या वस्त्र अर्पित करना शुभ माना गया है। केसरी रंग सूर्य के तेज और अग्नि की ऊर्जा से जुड़ा होने के कारण नई शुरुआत का प्रतीक समझा जाता है। नवरात्रि के दौरान यह रंग भक्ति के साथ-साथ मन में सकारात्मक ऊर्जा की भावना भी जताता है।
धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों के लेख पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।