नवीकरणीय ऊर्जा में महाराष्ट्र को राष्ट्रीय पुरस्कार, सामान्य श्रेणी में देश में दूसरा स्थान
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के काम के लिए महाराष्ट्र को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। सामान्य श्रेणी में राज्य गुजरात के बाद दूसरे नंबर पर रहा।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय काम के लिए महाराष्ट्र को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर परिषद व प्रदर्शनी 2026' के समापन सत्र में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने यह पुरस्कार दिया। महाराष्ट्र की ओर से पुरस्कार ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर और ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला ने लिया।
केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के 'नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे' के तहत सामान्य श्रेणी के राज्यों में महाराष्ट्र गुजरात के बाद दूसरे स्थान पर रहा। केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों और संबंधित मंत्रियों की मौजूदगी में हुई बैठक में इसकी घोषणा की।
मंत्रालय ने यह मूल्यांकन ढांचा पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन के सहयोग से तैयार किया है। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी, नीति और नियामक व्यवस्था, बिजली ग्रिड की तैयारी, बिजली वितरण कंपनियों के प्रदर्शन और निवेश के माहौल जैसे पैमानों पर परखा गया।
मंत्रालय ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने की राज्य सरकार की लगातार कोशिशों का इस पुरस्कार में संज्ञान लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार जीवाश्म ईंधन के अलावा दूसरे स्रोतों से बिजली बनाने की स्थापित क्षमता को 2030 तक 500 गीगावॉट तक ले जाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में महाराष्ट्र की पहलों का अहम योगदान है। मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने भरोसा जताया कि राज्य का अनुभव और सफल पहलें दूसरे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए मार्गदर्शक होंगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अपारंपरिक ऊर्जा मंत्री अतुल सावे ने इस पुरस्कार पर बधाई दी। फडणवीस ने प्रतिक्रिया में कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के काम के लिए महाराष्ट्र को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में योगदान देने वाले ऊर्जा विभाग समेत सभी संबंधित संस्थाओं को दिल से बधाई, और इस सम्मान से राज्य में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिशों को और बल मिलेगा।
अतुल सावे ने कहा कि सामान्य श्रेणी में देश में दूसरा स्थान मिलना राज्य की लगातार कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने इस काम में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। सावे के मुताबिक सौर ऊर्जा समेत अलग-अलग नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को रफ्तार देने पर सरकार का जोर रहेगा।
भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर के बीच हुई इस परिषद में महाराष्ट्र 'पार्टनर स्टेट' के तौर पर शामिल हुआ। ऐतिहासिक गढ़-किलों की थीम पर बने राज्य के ऊर्जा पवेलियन को आने वालों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। मुख्यमंत्री फडणवीस, मंत्री अतुल सावे और राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर के मार्गदर्शन में और अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला की अगुवाई में इस पवेलियन में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र का काम पेश किया गया।
यह पवेलियन महाऊर्जा संस्था ने महावितरण, महापारेषण, महानिर्मिती और महाऊर्जा के सहयोग से बनाया। इसमें महावितरण के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्रा, महापारेषण के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक विक्रम कुमार, महानिर्मिती के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ. राधाकृष्णन बी. और महाऊर्जा के महानिदेशक ओमप्रकाश बकोरिया का मार्गदर्शन रहा।
पवेलियन का 'वर्चुअल रियलिटी ज़ोन' आने वालों के लिए खास आकर्षण रहा। इसके जरिए घाटघर पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना और सिन्नर सौर ऊर्जा परियोजना की वर्चुअल सैर की जा सकती थी। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 और 'मागेल त्याला सौर कृषिपंप' योजना की जानकारी भी इसी के जरिए दी गई। दृश्य-श्रव्य और इंटरैक्टिव डिजिटल प्रेजेंटेशन के साथ पवेलियन के सेल्फी बूथ को भी लोगों ने पसंद किया।
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