नागपुर में त्योहारी सीजन से गाड़ियों का बाजार गरम, बिक्री 12 फीसदी बढ़ी
दिवाली से पहले नागपुर जिले में वाहनों की बुकिंग जोरों पर है और कई लोकप्रिय मॉडल का स्टॉक कम पड़ने लगा है।
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त्योहारों के सीजन में नागपुर का वाहन बाजार एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ चुका है। दशहरे के दौरान जबरदस्त बुकिंग हुई थी और अब वाहन बेचने वालों की नजर दिवाली की बिक्री पर टिकी है। जीएसटी में मिली राहत का फायदा और शुभ मुहूर्त पर गाड़ी खरीदने की ग्राहकों की बढ़ी तैयारी, इन दोनों वजहों से बाजार में उत्साह का माहौल है।
टू व्हीलर से लेकर फोर व्हीलर तक लगभग हर श्रेणी में ग्राहकों की भीड़ दिख रही है। साल 2026 में अब तक जिले में 1,46,862 वाहनों की रजिस्ट्रेशन हो चुकी है। पिछले पूरे साल में 1,71,474 वाहन बिके थे। खास बात यह है कि इस साल के आंकड़ों में दिवाली की बिक्री अभी जुड़ी ही नहीं है। इसलिए आने वाले दिनों में वाहनों की बिक्री का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। गाड़ी खरीदने के लिहाज से अक्टूबर और नवंबर सबसे अहम महीने माने जाते हैं।
पिछले साल दशहरा और दिवाली एक ही महीने में पड़ गए थे, इसलिए अकेले अक्टूबर में 22,500 से ज्यादा वाहन बिके थे। इस बार दोनों त्योहार अलग-अलग महीनों में हैं, तो दिवाली की बिक्री की अलग लहर आएगी। दशहरे पर मिले रिस्पॉन्स को देखकर डीलर्स की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
विदर्भ ऑटो डीलर्स एसोसिएशन के अनुज पांडे के मुताबिक दिवाली के लिए वाहनों की बुकिंग बड़े पैमाने पर चल रही है। टू व्हीलर और फोर व्हीलर, दोनों सेगमेंट में ग्राहकों का रिस्पॉन्स संतोषजनक है। कई डीलर्स के यहां बुकिंग पहले ही हो चुकी है और कुछ लोकप्रिय मॉडल का स्टॉक भी कम पड़ने लगा है। इसलिए जिसे दिवाली के मुहूर्त पर डिलिवरी चाहिए, उसे पहले से बुकिंग करानी पड़ेगी।
पिछले कुछ सालों के आंकड़े भी बढ़त का रुझान साफ दिखाते हैं। एमएच-49 में सबसे ज्यादा वाहनों की रजिस्ट्रेशन होती है और इस आरटीओ की बढ़त 2023 में 8 फीसदी, 2024 में 12.61 फीसदी और 2025 में 13 फीसदी रही। एमएच-40 की बढ़त क्रमशः 10.90 फीसदी, 10.70 फीसदी और 13.44 फीसदी दर्ज हुई।
इस साल 19 अक्टूबर तक ही जिले की वाहन बिक्री ने 2023 का पूरा आंकड़ा पीछे छोड़ दिया है। अब वाहन कारोबारियों की नजर इस पर है कि दिवाली के बाद कुल बिक्री कितनी ऊंचाई छूती है। मौजूदा ट्रेंड बना रहा तो ऑटोमोबाइल बाजार इस बार भी दो अंकों की बढ़त दर्ज करेगा, ऐसा भरोसा जताया जा रहा है।
इस बार के बाजार की एक और खासियत यह है कि कंपनियों को बड़ी छूट या लुभावने ऑफर देने की जरूरत ही महसूस नहीं हो रही। ग्राहकों का रिस्पॉन्स देखकर कंपनियों और डीलर्स ने मॉडल की खूबियों और प्रोडक्ट की क्वालिटी पर ज्यादा जोर दिया है। मांग मजबूत होने से कई ब्रांड की गाड़ियों पर पिछले सालों की तरह बड़ी छूट नहीं मिल रही।
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