शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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04:43 IST

नागपुर में शक्कर के थोक भाव 20 दिन में करीब 1,000 रुपये चढ़े, चिल्लर में 60 रुपये किलो

त्योहारों के मौसम की शुरुआत में शक्कर महंगी हो गई है। थोक भाव 4,800-4,850 से बढ़कर 5,800-5,850 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।

नागपुर में शक्कर के थोक भाव 20 दिन में करीब 1,000 रुपये चढ़े, चिल्लर में 60 रुपये किलो तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

त्योहारों का मौसम शुरू होते ही आम आदमी की चिंता फिर बढ़ गई है। खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक दाम पहले से चढ़े हुए हैं और अब इसी कड़ी में शक्कर भी महंगी हो गई है। चिल्लर बाजार में शक्कर की कीमत करीब 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

व्यापारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से शक्कर के भाव में तेजी का रुख बना हुआ है। उनके मुताबिक करीब 20 दिन पहले थोक बाजार में शक्कर 4,800 से 4,850 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रही थी। अब यह भाव बढ़कर 5,800 से 5,850 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। यानी इस दौरान प्रति क्विंटल करीब 1,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

थोक बाजार में दाम बढ़ने का असर चिल्लर बाजार में भी दिखने लगा है। इसी वजह से ग्राहकों को शक्कर के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। चिल्लर में कीमतों में करीब 10 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है, जिससे घरों में किचन का बजट गड़बड़ा गया है।

त्योहारों के दिनों में घरों में मिठाइयां, पकवान और दूसरे व्यंजन बनाने की परंपरा रहती है। ऐसे में शक्कर की खपत आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। लड्डू, गुलाब जामुन, खीर, हलवा जैसे पकवानों के लिए शक्कर की जरूरत और बढ़ जाती है। पहले से महंगाई झेल रहे लोगों के लिए त्योहारों की खुशियों के बीच यह बढ़ोतरी किसी झटके से कम नहीं है।

व्यापारियों के अनुसार नागपुर जिले में शक्कर के दाम बढ़ने की प्रमुख वजह मिलों की ओर से कीमतें बढ़ाया जाना बताई जा रही है। थोक कारोबार में भाव चढ़ने के बाद उसका असर चिल्लर बाजार तक पहुंचा है।

आशंका है कि इसका असर केवल शक्कर की खरीद तक सीमित नहीं रहेगा। मिठाइयों और दूसरी खाद्य सामग्री की लागत पर भी इसका असर पड़ सकता है। अगर कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो त्योहारों में मिठाई खरीदने और घर में पकवान बनाने का खर्च बढ़ सकता है। त्योहारों से ठीक पहले हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के साथ-साथ मिठाई बनाने वाले कारोबारियों के खर्च पर भी असर पड़ने की आशंका है।

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