गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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नागपुर में चारे और पीने के पानी की किल्लत का अंदेशा, कलेक्टर ने अफसरों को दिए निर्देश

नागपुर में चारे और पीने के पानी की किल्लत का अंदेशा, कलेक्टर ने अफसरों को दिए निर्देश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने चारा किल्लत की समीक्षा बैठक में फरवरी तक की जरूरत के लिए अभी से बुआई और हर गांव की पेयजल योजना बनाने को कहा।

नागपुर जिले में अभी मवेशियों के लिए करीब 260 से 270 दिनों का चारा मौजूद है। फिर भी आगे चारे की किल्लत हो सकती है, इसलिए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने कहा है कि फरवरी तक की जरूरत पूरी करने के लिए चारे की बुआई और स्थायी इंतजाम अभी से शुरू कर दिए जाएं।

यह निर्देश उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में हुई चारा किल्लत की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी अनूप खांडे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी डॉ. अर्चना कड़ और पशु पालन विभाग के जिला उपायुक्त नितिन फुके मौजूद थे।

बुआई के लिए जमीन कहां मिलेगी, इस पर जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जल संसाधन और सिंचाई विभाग दिसंबर के अंत तक जो गाद-बुआई भूमि उपलब्ध होगी, उसकी गांववार जानकारी जमा करे। तालाबों के डूब क्षेत्र का ब्योरा भी गांव के हिसाब से इकट्ठा किया जाए। तहसीलदारों से कहा गया कि चारा उगाने लायक सरकारी बंजर जमीन और दूसरे खाली इलाकों की सूची बनाएं।

जिलाधिकारी के मुताबिक तालुका कृषि अधिकारी और पशु पालन अधिकारी ऐसे किसानों और मवेशी पालकों की लिस्ट तैयार करें जो इस जमीन पर चारा उगाना चाहते हैं। इसके साथ ही उन गांवों की सूची भी बने जहां चारे की किल्लत होने की आशंका है।

बीज को लेकर भी बात हुई। व्यक्तिगत लाभ वाली चारा बीज योजना तो अपनी जगह चलेगी ही, लेकिन अगर किसानों के समूह या महिला स्वयं सहायता समूह अलग से और बीज मांगते हैं, तो उसके लिए जिला योजना समिति (डीपीसी) के जरिए पैसा दिया जाएगा। तय प्रक्रिया के तहत बीज वक्त पर किसानों के हाथ में पहुंचें, यह पक्का करने को कहा गया है। आगे सूखे और गीले चारे को रखने के लिए कौन से गोदाम और ठिकाने मौजूद हैं, उनकी लिस्ट बनाने के निर्देश भी दिए गए।

कृषि और पशु पालन विभाग से कहा गया कि चारा बुआई और सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को खूब जानकारी दें। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की 173 संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके चारे की उपलब्धता और इंतजाम पर बात की जाएगी। शुक्रवार शाम तक सभी तालुका स्तर के अधिकारी मिलकर बैठक करेंगे और जरूरी डेटा व योजना तैयार करेंगे।

चारे के साथ पीने के पानी का मसला भी उठा। कुमार आशीर्वाद ने कहा कि संभावित जल संकट से निपटने के लिए हर गांव का अलग पेयजल संकट निवारण प्लान बने। बैंक डैम और बोरवेल की मरम्मत को पहले नंबर पर रखा जाए।

उन्होंने अफसरों से कहा कि वे खुद ग्राम पंचायतों में जाएं और सरपंच, उपसरपंच व गांव वालों से बात करें। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों से अपील की है कि वे आपस में तालमेल रखकर वक्त पर जरूरी कदम उठाएं।

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