मिरा-भाईंदर की ट्रैफिक शाखा को मिलेगा अलग डीसीपी, राज्य सरकार ने दी मंजूरी
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महाराष्ट्र सरकार ने मिरा-भाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की ट्रैफिक शाखा के लिए अलग पुलिस उपायुक्त का पद बनाने को मंजूरी दे दी है।
मिरा-भाईंदर की ट्रैफिक शाखा के लिए अब अलग पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) का पद बनेगा। महाराष्ट्र सरकार ने मिरा-भाईंदर-वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के तहत आने वाली ट्रैफिक शाखा के लिए यह पद बनाने को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है और गाड़ियों की तादाद भी। इसी के साथ ट्रैफिक जाम की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। इन्हीं हालात को देखते हुए ट्रैफिक का इंतजाम मजबूत करने के मकसद से यह अहम फैसला लिया गया है।
इस पद की मांग भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की थी। मेहता ने शहर की ट्रैफिक समस्या की गंभीरता मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। उन्होंने बताया था कि शहर का दायरा जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसके हिसाब से ट्रैफिक के इंतजाम पर ज्यादा ध्यान देने के लिए एक अलग वरिष्ठ अधिकारी की जरूरत है।
विधायक नरेंद्र मेहता की इस मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सकारात्मक रुख अपनाया और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उसी के बाद 3 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से अलग पुलिस उपायुक्त का पद बनाने को आधिकारिक मंजूरी मिल गई।
उम्मीद की जा रही है कि इस फैसले से मिरा-भाईंदर इलाके में ट्रैफिक की प्लानिंग, जाम पर काबू और ट्रैफिक नियमों पर असरदार अमल को ज्यादा ताकत मिलेगी। साथ ही जहां हादसे ज्यादा होते हैं, वहां उपाय करने में भी मदद मिलेगी। शहर तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे में ट्रैफिक शाखा को अपना अलग मुखिया मिलने से नागरिकों को राहत मिल सकती है।
इस फैसले पर विधायक नरेंद्र मेहता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने यह भावना जताई कि सरकार मिरा-भाईंदर के विकास और नागरिकों की सुविधाओं के लिए प्रतिबद्ध है। कुल मिलाकर, अलग पुलिस उपायुक्त का पद बनने से मिरा-भाईंदर के ट्रैफिक इंतजाम को सुधारने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है।
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