रविवार, 1 नवंबर 2026

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नागपुर को पर्यटन जिले का दर्जा, फडणवीस सरकार का जीआर, कारोबारियों को 10 साल छूट

शहर PT24 टीम

महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर जिले को औपचारिक रूप से पर्यटन जिला घोषित करते हुए शासन निर्णय जारी कर दिया है, जिससे होटल और पर्यटन कारोबारियों को अब 7 की जगह 10 साल तक सब्सिडी और जीएसटी छूट मिलेगी।

नागपुर को पर्यटन जिला घोषित करने का आदेश काफी पहले जारी हो चुका था, मगर इसे लागू करने में देरी हो रही थी। अब महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग ने 15 सितंबर को आधिकारिक शासन निर्णय जारी करते हुए नागपुर जिले को औपचारिक तौर पर पर्यटन जिला घोषित कर दिया है।

इस फैसले से नागपुर जिले के होटल और पर्यटन क्षेत्र के उद्यमियों तथा कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। अब उद्यमी 7 साल की जगह 10 साल तक सब्सिडी और जीएसटी का फायदा उठा सकेंगे।

महाराष्ट्र की उपराजधानी, ऑरेंज सिटी और भारत की टाइगर कैपिटल के नाम से मशहूर नागपुर के पर्यटन ढांचे, स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को रफ्तार देने के मकसद से यह बड़ा फैसला लिया गया है। पर्यटन नीति-2016 के तहत जारी इस आदेश से पहले जिलाधिकारी नागपुर और पर्यटन निदेशालय के प्रस्तावों की समीक्षा की गई थी।

सरकार ने इस फैसले के पीछे नागपुर की भौगोलिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक खासियतों को मुख्य वजह बताया है। नागपुर भारत के बीचोंबीच स्थित है और ब्रिटिश जमाने में बना ऐतिहासिक जीरो माइल स्टोन यहीं है, जो देश का राष्ट्रीय मध्य बिंदु माना जाता है। जिले के आसपास पेंच राष्ट्रीय उद्यान और उमरेड-करहांडला जैसे विश्व स्तरीय अभयारण्य और बाघ परियोजनाएं हैं, जिनकी वजह से इसे भारत की टाइगर कैपिटल कहा जाता है। गोंड राजाओं और भोसले राजवंश की सत्ता का केंद्र रहा नागपुर ऐतिहासिक वास्तुकला और किलों से भरा पड़ा है। इसके अलावा दीक्षाभूमि, रामटेक का प्राचीन राम मंदिर, खिंडसी का वाटर स्पोर्ट्स सेंटर और आदिवासी लोककला, हस्तशिल्प तथा बड़े-बड़े बगीचे भी यहां के आकर्षण हैं।

एआईडी के सदस्य संजय गुप्ता ने कहा कि इस घोषणा के बाद नागपुर जिले में पर्यटन स्थलों के रखरखाव, नई सुविधाओं के निर्माण और विदर्भ इलाके में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए खास फंड और योजनाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़ने से होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के मौके बनेंगे।

गुप्ता के मुताबिक, एआईडी के जरिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस मुद्दे पर लगातार फॉलोअप ले रहे थे, जिसके बाद पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद का भरपूर साथ मिला। इन दोनों के अनुमोदन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम फैसला लेते हुए जीआर जारी किया।

सिंधुदुर्ग और छत्रपति संभाजीनगर के बाद नागपुर राज्य का तीसरा जिला है जिसे पर्यटन जिले का दर्जा मिला है। गुप्ता ने बताया कि अब तक 7 साल की छूट मिलती थी, जिस वजह से होटल और पर्यटन से जुड़े कारोबारी जीएसटी छूट का पूरा फायदा नहीं उठा पाते थे और सीमा का करीब 50 फीसदी हिस्सा बिना उपयोग के ही रह जाता था। अब 10 साल की छूट मिलने से सभी कारोबारी इसका पूरा-पूरा फायदा ले सकेंगे।

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