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03:12 IST

नागपुर की 19 साल की इन्फ्लुएंसर से नौकरी के नाम पर 3 लाख की ठगी, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल का आरोप

तहसील पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपियों के रोल और पैसों के लेन-देन की जांच जारी है।

नागपुर की 19 साल की इन्फ्लुएंसर से नौकरी के नाम पर 3 लाख की ठगी, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल का आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर की एक 19 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने साइबर ब्लैकमेल और संगठित वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। शिकायत के मुताबिक, अच्छी नौकरी दिलाने का वादा करके उसे जाल में फंसाया गया और फिर एक अश्लील वीडियो के सहारे उससे 3 लाख रुपये वसूले गए। तहसील पुलिस ने इस शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

शिकायत में आरोप है कि आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने की धमकी दी, 10 लाख रुपये की मांग की और जान से मारने की धमकी भी दी, ताकि युवती दबाव में आ जाए।

शिकायत के अनुसार, युवती पिछले कुछ सालों से काम और मनोरंजन के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया ऐप और एजुकेशनल वेबसाइट इस्तेमाल करती थी। इसी दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उसकी जान-पहचान आरोपियों से हुई।

मुख्य आरोपी की पहचान इरफान अली के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने खुद को उत्तर प्रदेश का बड़ा कारोबारी और एक राजनीतिक संगठन का नेता बताया। उसने कथित तौर पर भरोसा दिलाया कि वह युवती को अच्छी नौकरी दिलवा सकता है और इस तरह उसका विश्वास जीत लिया।

आरोप है कि नौकरी के बहाने आरोपी ने ऑनलाइन उसके निजी दस्तावेज हासिल कर लिए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन दस्तावेजों का बाद में बिना इजाजत कहीं और इस्तेमाल किया गया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने धीरे-धीरे युवती पर वीडियो कॉल पर अश्लील बातचीत के लिए दबाव बनाया। उसे एक अंतरंग वर्चुअल बातचीत के लिए राजी किया गया और स्क्रीन-रिकॉर्डिंग से उसे चुपके से रिकॉर्ड कर लिया गया। आरोप है कि इसी रिकॉर्डिंग को हथियार बनाया गया और मांगी गई रकम न देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर डालने और उसे सबके सामने बदनाम करने की धमकी दी गई।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने 10 लाख रुपये मांगे और वीडियो वायरल करने के साथ-साथ जान से मारने की भी धमकी दी। धमकियों और वीडियो के सार्वजनिक होने के डर से युवती ने 3 लाख रुपये दे दिए। बताया गया है कि पैसे देने के बाद भी धमकियां बंद नहीं हुईं, जिसके बाद वह पुलिस के पास पहुंची।

पुलिस रिकॉर्ड में किरण मित्तल, पायल डेस्टिनी, इरफान अली, वीरेंद्र राणा और नितिन जैन समेत कुछ और लोगों के नाम हैं। इनके कथित रोल और आपसी संबंधों की जांच की जा रही है। शिकायत में नामजद लोगों के तार मोहाली, चंडीगढ़, गोवा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैले बताए जा रहे हैं, जिससे जांच का दायरा बढ़ गया है।

जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि आरोपी अलग-अलग काम कर रहे थे या मिलकर, और क्या नौकरी का ऑफर, दस्तावेज लेना, अंतरंग बातचीत की रिकॉर्डिंग और उसके बाद की वसूली एक योजनाबद्ध कड़ी के हिस्से थे। पुलिस यह भी पता करेगी कि पैसे किसे मिले और सीधे गए या बिचौलियों के जरिए, साथ ही रिकॉर्डिंग कैसे शेयर या स्टोर की गई या कहीं फैलाई गई या नहीं।

तहसील पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है। डिजिटल रिकॉर्ड, वीडियो-कॉल डेटा, इलेक्ट्रॉनिक बातचीत और बैंक लेन-देन जैसे सबूत घटनाक्रम को साबित करने और हर नामजद शख्स की भूमिका तय करने में अहम होंगे।

नामजद लोगों पर लगे सभी आरोप अभी जांच और अदालत के फैसले के अधीन हैं।

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