नागपुर में 19 साल की इन्फ्लुएंसर से 3 लाख वसूले, वीडियो वायरल करने की धमकी
तहसील थाना क्षेत्र में नौकरी का झांसा देकर 19 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया गया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नागपुर के तहसील पुलिस थाना क्षेत्र में साइबर ब्लैकमेलिंग का एक मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक 19 साल की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया और बाद में कथित तौर पर उसकी अश्लील वीडियो रिकॉर्डिंग के सहारे उससे Rs 3 लाख वसूल लिए गए। पीड़िता की शिकायत पर तहसील पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, युवती पिछले कुछ साल से काम और मनोरंजन के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया ऐप और शैक्षणिक वेबसाइटों का इस्तेमाल कर रही थी। इसी दौरान ऑनलाइन उसकी जान-पहचान आरोपियों से हुई। आरोप है कि इसके बाद उसका भरोसा जीता गया।
आरोप है कि मुख्य आरोपी इरफान अली ने खुद को बड़ा व्यापारी और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक संगठन का नेता बताया। उसने युवती को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसी बहाने उससे व्यक्तिगत और दूसरे जरूरी दस्तावेज ले लिए गए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी वीडियो कॉल के दौरान युवती पर अश्लील बातचीत के लिए दबाव डालता था। आरोप है कि उसे वीडियो कॉल पर वर्चुअल सेक्स के लिए उकसाया गया और उसकी जानकारी के बिना स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली गई।
कथित तौर पर इसी रिकॉर्डिंग को हथियार बनाकर युवती को ब्लैकमेल किया गया। आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर Rs 10 लाख की मांग की। वीडियो वायरल होने के डर से युवती ने आरोपियों को Rs 3 लाख दे दिए, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी उसे धमकियां मिलती रहीं।
आरोपियों पर यह भी आरोप है कि नौकरी के झांसे में लिए गए दस्तावेजों का उन्होंने दूसरी जगहों पर इस्तेमाल किया और युवती को मानसिक रूप से परेशान किया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामले में मोहाली, चंडीगढ़, गोवा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोपियों में किरण मित्तल, पायल डेस्टिनी, इरफान अली, वीरेंद्र राणा और नितिन जैन सहित अन्य के नाम बताए गए हैं।
पुलिस आरोपियों की भूमिका, कथित ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और दस्तावेजों के संभावित गलत इस्तेमाल सहित मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों की पुष्टि और आरोपियों की भूमिका का फैसला जांच के बाद होगा।