मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
मेरठ की सेशन कोर्ट ने सौरभ राजपूत हत्या मामले में पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई।
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मेरठ की सेशन कोर्ट ने देशभर में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड, यानी सौरभ राजपूत हत्या मामले में बुधवार 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला, दोनों को फांसी की सजा दी है। इसके साथ ही सबूत छिपाने के मामले में दोनों को 7-7 साल की कैद की सजा भी सुनाई गई है।
सुरक्षा के कारणों से दोनों आरोपियों को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था। जैसे ही कोर्ट ने फांसी की सजा का ऐलान किया, कोर्टरूम में हड़कंप मच गया। सजा सुनते ही मुस्कान फूट-फूटकर रोने लगी और बोली, "मेरी दोनों बेटियों का ख्याल रखना..." इस सुनवाई के दौरान मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी और उसके भाई भी कोर्ट में मौजूद थे।
फैसले के बाद सौरभ की मां रेनू देवी ने संतोष जताया। उन्होंने कहा, "हमें जो न्याय चाहिए था, वह आज मिल गया है। इसी न्याय के लिए हम पिछले कई महीनों से लड़ाई लड़ रहे थे, और आज कोर्ट ने वह न्याय दे दिया। हम अपने वकीलों और साथियों के हमेशा आभारी रहेंगे। अब जेल में बंद उस लड़की से हमारा कोई रिश्ता नहीं है। लेकिन उसकी बड़ी बेटी को अगर उसके नाना-नानी बिना किसी शर्त के हमें सौंप देते हैं, तो हम उसे जरूर अपने साथ रखेंगे।"
यह मामला मार्च 2025 में मेरठ में सामने आया था। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल की मदद से अपने पति सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या की थी। हत्या के बाद दोनों ने सौरभ की लाश के टुकड़े किए और उन्हें नीले रंग के एक ड्रम में भरकर रख दिया था। इस वारदात से पूरे देश में सनसनी फैल गई थी।
इस केस की सुनवाई जुलाई 2025 में शुरू हुई थी। करीब 13 महीने चली इस कानूनी लड़ाई में कोर्ट में 126 सुनवाइयां हुईं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। आखिर में सारे सबूतों और जुर्म की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई।