मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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नागपुर के सुपारी कारोबारी जयेश पंचमतिया को DRI इंदौर ले गई, कस्टम चोरी के शक में जांच

नागपुर के सुपारी कारोबारी जयेश पंचमतिया को DRI इंदौर ले गई, कस्टम चोरी के शक में जांच तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

DRI इंदौर की टीम नागपुर के कारोबारी जयेश पंचमतिया को इंदौर ले गई। मामला 2024 में इंदौर में पकड़ी गई सुपारी और कस्टम ड्यूटी की कथित चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है।

डीआरआई इंदौर की टीम ने पिछले दिनों नागपुर में कार्रवाई करते हुए सुपारी कारोबार से जुड़े कारोबारी जयेश पंचमतिया को हिरासत में लिया और अपने साथ इंदौर ले गई। यह खबर फैलते ही नागपुर के बाजार में हड़कंप मच गया। डीआरआई ने इस मामले में देशभर से करीब 10 कारोबारियों को उठाया है।

इस कार्रवाई का संबंध 2024 में इंदौर में हुई सुपारी की बड़ी जब्ती से बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक उस वक्त करीब 30 से 35 करोड़ रुपये की सुपारी पकड़ी गई थी। मामला सड़ी सुपारी के आयात से जुड़ा है। पंचमतिया के गोदाम में भी सुपारी पकड़ी गई थी। जिन बोरियों में यह सुपारी रखी थी, उन पर 'ओरिजिन ऑफ बांग्लादेश' लिखा हुआ था।

अब डीआरआई बांग्लादेश से सुपारी आने की इसी कड़ी को खंगाल रही है। विभाग का कहना है कि बांग्लादेश में सुपारी होती ही नहीं, इसके बावजूद बोरियों पर बांग्लादेश लिखा हुआ था। विभाग को शक है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर कस्टम की चोरी की गई है। डीआरआई कस्टम ड्यूटी की कथित चोरी के एंगल से ही जांच कर रही है।

सुपारी पर लगभग 105 फीसदी कस्टम लगता है। इसी को बचाने के चक्कर में सुपारी कारोबारी तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं और चोरी छिपे सुपारी नागपुर तक लाते हैं। इसके बाद यहां से सुपारी की आपूर्ति गुटखा बनाने वाली कंपनियों को की जाती है।

सूत्रों ने बताया कि इस मामले में नागपुर जिले के ही 3 और लोग नामजद हैं। इनमें से चौरसिया और सिद्दीक सुपारी कारोबार से जुड़े हैं। तीसरा एक फाइनेंसर है, जो दिखाने के लिए लोहे का कारोबार करता है, लेकिन सुपारी के लिए भी फाइनेंस करता है। उसका नाम भी इस एफआईआर में दर्ज है।

आने वाले दिनों में इन व्यापारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। बताया गया है कि जयेश को इसलिए गिरफ्तार किया गया है, ताकि पूरे लिंक का पता लगाया जा सके।

जयेश पंचमतिया उर्फ टिक्कू भाई का नाम इससे पहले भी चेन्नई में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई और मद्रास उच्च न्यायालय में सीमा शुल्क से जुड़े पुराने मामलों में आ चुका है। उस मामले में भी पंचमतिया की अहम भूमिका थी और तब भी मामला सुपारी आयात से ही जुड़ा हुआ था।

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