बांग्लादेश बॉर्डर से कूरियर के जरिए सोने की तस्करी, DRI ने 11 को पकड़ा
DRI के मुंबई डिवीजन ने कूरियर पार्सल के नेटवर्क से देशभर में सोना पहुंचाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया, नौ महीनों में करीब 318 किलो सोना खपाया गया।
भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से पश्चिम बंगाल और असम होते हुए विदेशी सोना देश में लाकर उसे कूरियर पार्सल के जरिए अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने वाले एक गैंग का रेवेन्यू इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट यानी DRI ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 'ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट' नाम से चली कार्रवाई में अब तक कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है।
DRI के मुंबई डिवीजन ने 23 सितंबर से मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी में एक साथ छापेमारी शुरू की थी। जांच में पता चला कि गुवाहाटी और कोलकाता से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद भेजे जा रहे कूरियर पार्सल के जरिए तस्करी का सोना भेजा जा रहा था।
इसी सूचना के आधार पर DRI ने कुछ कूरियर पार्सल को रोककर उनमें से 6.61 किलो विदेशी बनावट का सोना जब्त किया। DRI के मुताबिक इस सोने की कीमत करीब 10.36 करोड़ रुपये आंकी गई है। पार्सल लेने वाले सात लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद पार्सल भेजने वालों के कोलकाता स्थित ठिकानों पर भी छापे मारे गए, जिसमें तीन और लोग पकड़े गए। आगे की जांच में इस पूरे तस्करी नेटवर्क की प्लानिंग और पार्सल भेजने व बांटने का काम संभालने वाले गैंग के एक मुख्य सूत्रधार को भी मुंबई से पकड़ लिया गया।
जांच के दौरान मिले दस्तावेजों की शुरुआती पड़ताल में इस नेटवर्क के काम का दायरा भी सामने आया। DRI के मुताबिक चालू साल के पिछले नौ महीनों में इस गैंग ने इसी तरह कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल कर करीब 318 किलो तस्करी का सोना देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया है। इस सोने की अनुमानित कीमत करीब 475 करोड़ रुपये बताई गई है।
तस्करी का यह सोना भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से देश में लाने के बाद गुवाहाटी और कोलकाता से छोटे-छोटे कूरियर पार्सल के जरिए मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद भेजा जा रहा था। जांच में सामने आया कि बिना किसी अधिकृत कागजात के यह सोना देश के अंदर बाजार में बेचने के लिए पहुंचाया जा रहा था। जब्त किया गया 6.61 किलो सोना कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत जब्त किया गया है। इस नेटवर्क में शामिल बाकी लोगों, सोने की आगे की बिक्री और तस्करी के पूरे लेनदेन को लेकर DRI की जांच अभी जारी है।