नागपुर में डीआरआई ने पकड़ा 1.05 करोड़ का एम्फेटेमाइन, गोंदिया में तेंदुए की खाल बरामद
डीआरआई नागपुर इकाई ने तीन दिन में ड्रग तस्करी और वन्यजीव तस्करी की दो कार्रवाइयां कीं।
राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई की नागपुर क्षेत्रीय इकाई (मुंबई जोन) ने तीन दिन के अंदर दो अलग-अलग कार्रवाइयां की हैं। दोनों खुफिया जानकारी के आधार पर की गईं। पहली कार्रवाई में एक अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट पर हाथ डाला गया, जबकि दूसरी में अवैध वन्यजीव तस्करी के एक नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।
पहली कार्रवाई 27 सितंबर को नागपुर रेलवे स्टेशन पर हुई। डीआरआई के अधिकारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ, मध्य रेलवे) की मदद से हजरत निजामुद्दीन-केएसआर बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक भारतीय महिला को हिरासत में लिया।
महिला के सामान की बारीकी से तलाशी ली गई तो उसके सूटकेस के अंदर कपड़े के अस्तर के पीछे गत्ते का एक गुप्त बॉक्स बना मिला। उसमें नीले रंग के कार्बन पेपर में लिपटे 2 पैकेट रखे थे। फील्ड ड्रग टेस्टिंग किट से जांच में पुष्टि हुई कि इनमें एम्फेटेमाइन है।
अधिकारियों ने कुल 1.312 किलोग्राम एम्फेटेमाइन जब्त किया। अवैध बाजार में इसकी कीमत करीब 1.05 करोड रुपए बताई गई है। आरोपी महिला को एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया और उसी दिन अवकाशकालीन अदालत में पेश किया गया।
दूसरी कार्रवाई 29 सितंबर को हुई। डीआरआई नागपुर की टीम ने गोंदिया जिले के पुराड़ा गांव के पास अवैध वन्यजीव तस्करी में लगे एक सिंडिकेट को रोका। टीम ने एक तेंदुए की खाल बरामद की और इस अवैध कारोबार में शामिल 2 लोगों को गिरफ्तार किया।
तेंदुआ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में दर्ज संरक्षित जानवर है। इसी वजह से बरामद खाल और दोनों गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी के हवाले कर दिया गया।
वन्यजीव संरक्षण के तहत डीआरआई देशभर में लगातार बड़ी कार्रवाइयां कर रही है। इससे पहले भी उसने उज्जैन में तेंदुए की खाल, सिवनी में बाघ की हड्डियां, पिलेरू और जगदलपुर में पैंगोलिन के शल्क और मैसूर में हाथी दांत जब्त किए थे।