नागपुर में दवा दुकानों पर FDA का छापा, 22 लाख 3 हजार की नशीली दवाएं जब्त
FDA और अमली पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में नशा लाने वाली दवाओं का बड़ा स्टॉक पकड़ा गया। वाठोडा की एक फार्मेसी का लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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नागपुर में नशे वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। अन्न और औषध प्रशासन विभाग यानी FDA और मादक पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स ने साथ मिलकर शहर की दवा दुकानों पर छापे मारे। इनमें 22 लाख 3 हजार रुपये की दवाओं का स्टॉक जब्त किया गया है।
एजेंसियों को सूचना मिली थी कि भारत माता चौक इलाके की एक दवा दुकान में बिना किसी इजाजत के दवाएं बेची जा रही हैं। इसी सूचना पर FDA और टास्क फोर्स की टीम ने दुकान पर धावा बोला। तलाशी में जो दवाएं मिलीं, उनकी कुल कीमत 22 लाख 3 हजार रुपये आंकी गई और पूरा माल कब्जे में ले लिया गया। नशा देने वाली दवाओं की गैरकानूनी बिक्री पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस मामले की आगे की जांच अभी चल रही है।
कार्रवाई सिर्फ एक दुकान तक नहीं रुकी। वाठोडा इलाके की एक फार्मेसी में भी गड़बड़ी पकड़ी गई। दवा नियमों के तहत जो कागजात रखना जरूरी है, वे वहां थे ही नहीं, फिर भी दुकान में दवाएं बेची जा रही थीं। जांच में यह बात सामने आने के बाद FDA ने इस फार्मेसी का दवा लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव रखा है।
यह छापेमारी ऐसे समय हुई है जब महाराष्ट्र के FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे अपनी सख्ती की वजह से पहले ही चर्चा में हैं। पिछले कुछ महीनों से उनकी अगुवाई में विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इससे नियम तोड़ने वालों और मिलावट करने वालों में हड़कंप है, और गैरकानूनी तरीके से दवा बेचने वाले कारोबारियों पर दबाव साफ बढ़ा है। नागपुर की यह कार्रवाई उसी सिलसिले की ताजा कड़ी मानी जा रही है, और इससे दिखता है कि दवा बिक्री के नियमों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है।
कुल मिलाकर, नागपुर में दो जगह कार्रवाई हुई। भारत माता चौक की दुकान से 22 लाख 3 हजार रुपये का स्टॉक जब्त हुआ, जबकि वाठोडा की फार्मेसी का लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव रखा गया है। दोनों जगह FDA ने बिना कागजात और बिना इजाजत हो रही दवा बिक्री पर ही शिकंजा कसा है।