सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
13:14 IST

नागपुर के धावक अनिकेत नलावड़े डोपिंग मामले में अस्थायी निलंबित, NADA का नोटिस

मिशन लक्ष्यवेध के तहत प्रशिक्षण लेने वाले धावक के नमूने में प्रतिबंधित स्टेरॉयड का मेटाबोलाइट मिला है।

नागपुर के धावक अनिकेत नलावड़े डोपिंग मामले में अस्थायी निलंबित, NADA का नोटिस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर में मिशन लक्ष्यवेध योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वाले धावक अनिकेत अनिल नलावड़े डोपिंग के एक मामले में फंस गए हैं। जानकारी के मुताबिक उनके डोपिंग नमूने में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड मेटांडीइनोन का मेटाबोलाइट मिला है। NADA ने मामले का अंतिम निर्णय होने तक उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार अनिकेत के मूत्र का नमूना 3 सितंबर को नागपुर शहर में प्रतियोगिता के बाहर लिया गया था। दिल्ली की राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला में जांच हुई तो नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी दर्ज की गई। इसके बाद NADA ने 14 अक्टूबर को नोटिस जारी करके उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित करने की कार्रवाई की।

नोटिस के अनुसार खिलाड़ी को दस्तावेज पेश करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है। उन्हें बी-सैंपल की जांच कराने का भी हक है। इसके लिए 33,150 रुपये की फीस तय बताई गई है। नियमों के हिसाब से खिलाड़ी आरोपों को चुनौती दे सकते हैं और सुनवाई में अपनी बात रख सकते हैं।

अगर प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि हो जाती है और डोपिंग नियमों का उल्लंघन साबित हो जाता है, तो लागू नियमों के तहत चार साल तक की अयोग्यता का प्रावधान लग सकता है। हालांकि अंतिम फैसला जांच, खिलाड़ी की सफाई और संबंधित नियमों के आधार पर ही होगा।

इस बीच खिलाड़ियों के निजी कोच के पास प्रशिक्षण लेने और निगरानी के इंतजाम पर भी सवाल उठ रहे हैं। मिशन लक्ष्यवेध योजना में खिलाड़ियों को सिखाने के लिए विभागीय कोच मौजूद हैं। इसके बावजूद कुछ खिलाड़ियों के नागपुर विश्वविद्यालय में एक निजी कोच के पास अभ्यास करने जाने का मुद्दा पहले भी उठ चुका है। बताया जाता है कि अनिकेत भी उसी कोच के पास प्रशिक्षण लेते हैं। यह बात भी सामने आई है कि खेल विभाग के उपसंचालक की ओर से निजी कोच के पास प्रशिक्षण की इजाजत दी गई थी।

जानकारी के मुताबिक योजना से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा दूसरे खिलाड़ी भी वहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, खानपान और सप्लीमेंट लेने की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। प्रतिबंधित पदार्थों के जोखिम को लेकर जो मार्गदर्शन दिया जाता है, उस पर भी सवाल हैं। फिर भी सिर्फ डोपिंग रिपोर्ट के आधार पर यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि प्रतिबंधित पदार्थ खिलाड़ी के शरीर में कैसे पहुंचा या इसमें किसी और की भूमिका थी या नहीं।

खेल उपसंचालक महादेव कासगावड़े ने कहा कि फिलहाल मामले की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जानकारी जुटाकर जांच कराई जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। अब बी-सैंपल की जांच, खिलाड़ी का पक्ष और प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़े तथ्यों की जांच इस मामले में अहम होगी।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे