रविवार, 11 अक्टूबर 2026

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16:49 IST

नागपुर: जिस हॉकी मैदान को अयोग्य बताया गया, उसी पर अब हो रही हैं स्पर्धाएं

अमरावती रोड पर विदर्भ हॉकी असोसिएशन के मैदान का विवाद फिर चर्चा में है। जून की रिपोर्ट में इसे खेल के लिए अयोग्य बताया गया था, पर अब वहीं स्कूली हॉकी स्पर्धाएं हो रही हैं।

नागपुर: जिस हॉकी मैदान को अयोग्य बताया गया, उसी पर अब हो रही हैं स्पर्धाएं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर में अमरावती रोड पर बने विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) के हॉकी मैदान का विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जून महीने में जिला प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में जिला क्रीडा विभाग ने कहा था कि यह मैदान खेल के लिए अयोग्य है। लेकिन अब उसी मैदान पर स्कूली हॉकी स्पर्धाएं करवाई जा रही हैं। इसी वजह से उस वक्त की रिपोर्ट और मैदान का किराया पट्टा (लीज) रद्द करने की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

वीएचए ने महाराष्ट्र जमीन महसूल संहिता, 1966 की धारा 247 के तहत अपील दाखिल की थी। अपर विभागीय आयुक्त ने यह अपील खारिज कर दी और जिलाधिकारी का आदेश कायम रखा। इसके मुताबिक 3.80 हेक्टेयर नजूल जमीन का किराया पट्टा रद्द करके जमीन शासन के कब्जे में लेने का फैसला बरकरार रहा।

उस वक्त की जिला क्रीडा अधिकारी पल्लवी धात्रक ने बताया कि दो अधिकारियों की जांच के बाद मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने रिपोर्ट तैयार की थी। वहीं शशिकांत कळबे ने साफ किया कि यह रिपोर्ट उनके कार्यकाल में तैयार नहीं हुई थी।

वीएचए को इस मैदान का किराया पट्टा 2037 तक मंजूर था, मगर जिला प्रशासन ने मियाद खत्म होने से पहले ही उसे रद्द करने की कार्रवाई कर दी। पल्लवी धात्रक की रिपोर्ट में मैदान की ऊबड़-खाबड़ जमीन, गड्ढे, देखरेख की कमी और बुनियादी सुविधाओं की कमी का जिक्र था। इसके बाद नजूल विभाग ने मैदान के कब्जे को लेकर नोटिस जारी किया। अब जब उसी मैदान पर स्पर्धाएं हो रही हैं, तो सवाल पूछा जा रहा है कि मैदान को अयोग्य ठहराने का पैमाना क्या था। अपील खारिज हो चुकी है और कानूनी लड़ाई जारी है।

वीएचए के प्रशासक त्रिलोकीनाथ सिधरा ने आरोप लगाया है कि मैदान का कब्जा लेने की कार्रवाई राजनीतिक मकसद से की गई है। उनका दावा है कि अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डालकर रिपोर्ट बनवाई गई। उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री से संपर्क करने पर भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिले। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

29 अगस्त को राष्ट्रीय क्रीडा दिवस के मौके पर वीएचए ने इसी मैदान पर विदर्भ स्तर की हॉकी स्पर्धा करवाई थी। इसमें नागपुर, वर्धा, गडचिरोली और चंद्रपुर समेत कई जिलों की टीमें शामिल हुई थीं। वीएचए के समन्वयक कृष्णा जोशी ने कहा कि मैदान खेल के लिए ठीक है।

कृष्णा जोशी ने यह भी बताया कि अपील 28 सितंबर को खारिज होने के बाद उन्होंने अपर विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और तहसीलदार को पत्र दिया। पत्र में आगे अपील करने के लिए मिली मियाद तक मैदान पर कार्रवाई रोकने की गुजारिश की गई है। एक ही मैदान को लेकर चार महीने के फासले पर सामने आई इन उलटी बातों के चलते क्रीडा विभाग की रिपोर्ट के आधार और मैदान का कब्जा लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग हो रही है।

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