इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग के तीसरे सीजन में 21 देशों के 146 रायडर्स ने कराया रजिस्ट्रेशन
आईएसआरएल के तीसरे सीजन के लिए खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है। चार रेसिंग ग्रुपों में 21 देशों के 146 खिलाड़ी उतरेंगे।
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पुणे: दुनिया की पहली फ्रेंचाइजी आधारित सुपरक्रॉस प्रतियोगिता 'इंडियन सुपरक्रॉस रेसिंग लीग' (आईएसआरएल) ने अपने तीसरे सीजन के लिए खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सीजन में 21 देशों के 146 खिलाड़ियों ने लीग के चार रेसिंग वर्गों में अपना नाम दर्ज कराया है।
प्रतियोगिता में इंटरनेशनल स्तर के नामी राइडर्स हिस्सा लेंगे। उनके साथ भारत के अग्रणी सुपरक्रॉस राइडर्स भी मैदान में उतरेंगे।
इस बार एक नया वर्ग शुरू किया गया है, '250 सीसी - ग्रुप 'ए' फॉरेन बाइक्स ओन्ली इंडियन फ्यूचर्स'। इस नए वर्ग और '250 सीसी इंडिया एशिया मिक्स' वर्ग को मिलाकर भारत से 30 रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
देशों के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी फ्रांस से आए हैं। उनके बाद ऑस्ट्रेलिया से 20 और अमेरिका से 18 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इन देशों के अलावा इंडोनेशिया, थाईलैंड, जर्मनी, स्पेन, स्विट्जरलैंड, इटली, जापान, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, चेक गणराज्य, स्वीडन, ज़िम्बाब्वे, श्रीलंका और मंगोलिया के खिलाड़ी भी प्रतियोगिता में शामिल होंगे।
वर्गों के हिसाब से आंकड़े ये हैं: '450 सीसी इंटरनेशनल' वर्ग में 40 खिलाड़ी हैं, '250 सीसी इंटरनेशनल' वर्ग में 54 और '250 सीसी इंडिया-एशिया मिक्स' वर्ग में 26 खिलाड़ी रजिस्टर हुए हैं। इन रजिस्ट्रेशन को देखकर लगता है कि इस साल की प्रतियोगिता ज्यादा विविधता भरी और कड़े मुकाबले वाली होगी।
लीग के सह-संस्थापक और संचालक ईशान लोखंडे ने कहा कि लीग का विस्तार हो रहा है और इस दौरान उनका जोर इस बात पर बना रहेगा कि ऐसी प्रोफेशनल खेल व्यवस्था खड़ी की जाए जो वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों को खींचे और भारतीय राइडर्स को अपनी काबिलियत साबित करने का मौका दे।
आईएसआरएल के दूसरे सीजन के विजेता मैट मॉस ने कहा, "लगातार दो बार आईएसआरएल का खिताब जीतना मेरे लिए कभी न भूलने वाला अनुभव है। हर सीजन के साथ इस प्रतियोगिता का स्तर ऊपर जा रहा है। मुकाबला और कड़ा होता जा रहा है और यहां हर कामयाबी के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ती है।"