गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:48 IST

कोल्हापूर की सानिका माने के गोल से भारत तीसरी बार जूनियर एशिया कप चैंपियन

चीन के खिलाफ फाइनल में सानिका माने ने 17वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर भारत को 1-0 से जिता दिया, इसके साथ ही भारत ने लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप जीत लिया।

कोल्हापूर की सानिका माने के गोल से भारत तीसरी बार जूनियर एशिया कप चैंपियन
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चीन में हॉकी के मैदान पर कुछ पल के लिए मानो सन्नाटा छा गया था, और फिर वो सुनहरा पल आया जिसने सानिका चंद्रकांत माने की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। कोल्हापूर जिले के छोटे से नूल गांव से आने वाली सानिका ने चीन के खिलाफ महिला जूनियर एशिया कप 2026 के फाइनल में 17वें मिनट में शानदार फील्ड गोल दागा और भारत को 1-0 की यादगार बढ़त दिला दी। यह बढ़त आखिर तक कायम रही और भारत ने लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। फाइनल में इस दमदार परफॉर्मेंस के लिए सानिका को प्लेयर ऑफ द मैच के अवार्ड से नवाजा गया।

सानिका को खेल विरासत में मिला है। उनकी मां ज्योती खुद पूर्व राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी रही हैं, बड़ी बहन कृष्णा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में देश का प्रतिनिधित्व किया है, जबकि पिता चंद्रकांत किसान हैं। शुरुआत में सानिका का रुझान एथलेटिक्स की तरफ था, लेकिन बाद में उन्होंने हॉकी को अपना लिया। उनकी प्रतिभा को सबसे पहले कोच अनिकेत मोरे ने पहचाना। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की अच्छी ट्रेनिंग से उनके खेल को तकनीकी परिपक्वता और नया आत्मविश्वास मिला। मुश्किल हालात और सीमित सुविधाओं के बावजूद सानिका गांव के मैदान से सीधे भारतीय जूनियर टीम तक पहुंच गईं।

2026 के जूनियर एशिया कप में सानिका भारत की अटैकिंग लाइन में तुरुप का इक्का साबित हुईं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत की 4-1 की जीत में उन्होंने 1 गोल किया, मलेशिया के खिलाफ 11-1 की एकतरफा जीत में 2 गोल दागे, जापान के खिलाफ 1 गोल करके भारत को मजबूत बढ़त दिलाई, और पाकिस्तान के खिलाफ 2 शानदार गोल करके दबदबा बनाए रखा।

मेजबान चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का रहा। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने कड़ी टक्कर दी और मैच गोलरहित बराबरी पर रहा। आखिरकार दूसरे क्वार्टर में 17वें मिनट में सर्कल में आए एक लंबे पास को भांपते हुए सानिका ने बिना देर किए सटीक शॉट से गेंद गोल में पहुंचा दी और स्कोरबोर्ड 1-0 हो गया। इसके बाद चीन ने बराबरी करने के लिए लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर हमले को नाकाम करते हुए आखिरी सीटी तक 1-0 की बढ़त बचाए रखी।

इस जीत से भारत ने FIH जूनियर महिला विश्व कप के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। उधर चीन में सानिका ने गोल दागा और इधर कोल्हापुर के नूल गांव में जश्न शुरू हो गया। किसान परिवार की बेटी ने दुनिया के मंच पर तिरंगा फहराया तो गांव वालों ने पेढे बांटे और पटाखे फोड़े। सानिका की इस ऐतिहासिक कामयाबी की तारीफ करते हुए महाराष्ट्र ओलंपिक एसोसिएशन के सह उपाध्यक्ष, हॉकी इंडिया के सह उपाध्यक्ष और हॉकी महाराष्ट्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भोरे ने कहा, "सानिका माने की यह कामयाबी बहुत बड़ी है। एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में निर्णायक गोल करके भारत को खिताब दिलाना महाराष्ट्र के हॉकी के लिए गर्व और सम्मान की बात है।"

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