गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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11:23 IST

नागपुर एयरपोर्ट पर कार्गो कर्मचारियों की हड़ताल, GMR के भरोसे के बाद रात से काम शुरू

नागपुर एयरपोर्ट पर कार्गो कर्मचारियों की हड़ताल, GMR के भरोसे के बाद रात से काम शुरू तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्गो का काम संभालने वाले कर्मचारियों का सब्र आखिर जवाब दे गया। थर्ड पार्टी ठेका कंपनी पर लंबे समय से कथित आर्थिक शोषण, सरकारी नियमों की अनदेखी और हाल की मनमानी वेतन कटौती के आरोप हैं। इसी से नाराज होकर लगभग 70 कर्मचारियों ने अचानक काम ठप कर दिया। उन्होंने कार्गो दफ्तर में ताला लगाया और हड़ताल पर बैठ गए।

हड़ताल के बाद जीएमआर प्रबंधन हरकत में आया। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई और कर्मचारियों को भरोसा दिया गया कि जिनकी वेतन राशि में कटौती हुई है, वह कल तक उनके खातों में जमा कर दी जाएगी। बाकी मुद्दों और समस्याओं के हल के लिए प्रबंधन ने सोमवार तक का वक्त भी मांगा।

इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया और रात की शिफ्ट में फिर काम पर लौट आए। लेकिन दिनभर काम बंद रहने से एयरलाइंस की कार्गो सेवाएं पूरे दिन बुरी तरह प्रभावित रहीं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक नागपुर एयरपोर्ट से रोजाना लगभग 25 टन इनबाउंड और आउटबाउंड माल का आना-जाना होता है, और इसे संभालने में इन्हीं कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रहती है। सबके एक साथ हड़ताल पर जाने से कार्गो सेवाएं पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई थीं। जीवनरक्षक दवाओं, मेडिकल शिपमेंट्स और दूसरी बेहद जरूरी चीजों की आपूर्ति पर भी बड़ा असर दिखा। इसी वजह से जीएमआर ने मामले को गंभीरता से लिया, कर्मचारियों को भरोसा दिलाकर सोमवार तक का वक्त मांगा और उन्हें काम पर वापस लाया।

एयरपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग का काम राउर रोडवेज नाम की थर्ड पार्टी कंपनी के पास है। यह कंपनी पहले 'मिहान' के और अब जीएमआर के तहत अनुबंध पर काम कर रही है। पिछले करीब 4 साल से यहां काम कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें लगातार बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।

कर्मचारियों का दावा है कि नियम के मुताबिक उन्हें कम से कम 18,000 रुपये इनहैंड वेतन मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें सिर्फ 12,000 से 13,000 रुपये ही दिए जाते हैं। इतना ही नहीं, बिना कोई ठोस कारण बताए सैलरी में 1,700 से 3,000 रुपये तक की कटौती कर दी गई, जिससे उनमें भारी गुस्सा फैल गया।

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कंपनी किसी को आधिकारिक सैलरी स्लिप नहीं देती और भुगतान वाउचर पर होता है। पीएफ काटा जाता है, पर वह खाते में जमा नहीं होता। कार्गो जैसे जोखिम भरे काम के लिए न दुर्घटना बीमा है और न कोई दूसरा आपातकालीन सुरक्षा इंतजाम।

इंडिगो, एयर इंडिया समेत दूसरी बड़ी एयरलाइंस के माल की बुकिंग, स्क्रीनिंग, सेग्रीगेशन और ट्रॉली लोडिंग का पूरा जिम्मा यही कार्गो लोडर और स्क्रीनर संभालते हैं। अगर आगे भी हड़ताल होती है तो नागपुर के अलग-अलग अस्पतालों और कैंसर सेंटरों के लिए आने-जाने वाली जरूरी दवाइयां और मेडिकल उपकरण अटक सकते हैं। दिल्ली, मुंबई और दूसरे शहरों से आने-जाने वाले रोजाना के कम से कम 25 टन माल की लोडिंग-अनलोडिंग रुकने पर एयरलाइंस को बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

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