मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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मूर्तिजापुर स्टेशन पर 13 करोड़ से ज्यादा खर्च, फिर भी एक्सप्रेस गाड़ियों के स्टॉप का सवाल जस का तस

मूर्तिजापुर स्टेशन पर 13 करोड़ से ज्यादा खर्च, फिर भी एक्सप्रेस गाड़ियों के स्टॉप का सवाल जस का तस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

अमृत भारत योजना में स्टेशन का रूप बदला, लेकिन मुसाफिरों का कहना है कि ज़रूरी गाड़ियां अब भी नहीं रुकतीं।

अकोला : मध्य रेलवे के भुसावल डिविजन का अहम जंक्शन मूर्तिजापुर स्टेशन अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत 13 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने के बाद नए रूप में दिख रहा है। लेकिन ज़रूरी एक्सप्रेस गाड़ियों को स्टॉप मिलने का सवाल अब भी जस का तस बना हुआ है। लोग पूछ रहे हैं कि करोड़ों का विकास तो हो गया, मगर मुसाफिरों की दिक्कतें आखिर कब दूर होंगी।

स्टेशन पर आधुनिक इमारत बनी है, परिसर को आकर्षक किया गया है और मुसाफिरों के लिए कई तरह की सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके बावजूद स्टेशन की सबसे बड़ी ज़रूरत, यानी गाड़ियों का रुकना, पूरी नहीं हुई है।

दर्यापुर, अचलपुर, कारंजा, दिग्रस और मंगरुलपीर समेत आसपास के कई गांवों के लोग मूर्तिजापुर स्टेशन से मुंबई, पुणे, नागपुर, सूरत और अहमदाबाद का सफर करते हैं। व्यापारी, छात्र, नौकरीपेशा लोग और मरीज भी इसी स्टेशन पर निर्भर हैं। मगर मुसाफिरों की बढ़ती तादाद के हिसाब से ज़रूरी गाड़ियों (12135/12136) के स्टॉप नहीं हैं। इस वजह से कई लोगों को अकोला या बडनेरा स्टेशन जाना पड़ता है। नतीजा यह कि उन्हें ज्यादा सफर-खर्च उठाना पड़ता है और वक्त भी बर्बाद होता है।

यह मांग नई नहीं है। करीब साल भर पहले मूर्तिजापुर में अहम एक्सप्रेस गाड़ियों को स्टॉप दिलाने के लिए सत्ताधारी भाजपा की ओर से रेल रोको आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।

उसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री को चिट्ठी भेजकर तीन अहम एक्सप्रेस गाड़ियों को मूर्तिजापुर में स्टॉप देने की मांग की थी। इन गाड़ियों में अमरावती-पुणे (11025/11026), अमरावती-तिरुपती एक्सप्रेस (12765/12766) और नागपुर-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं। बताया गया था कि इन गाड़ियों को 1 मई 2025 से स्टॉप मंजूर हो गया है। लेकिन मुसाफिरों के दावे के मुताबिक ये गाड़ियां असल में अब भी मूर्तिजापुर स्टेशन पर नहीं रुकतीं। यानी मंजूरी और उस पर अमल के बीच फर्क साफ दिख रहा है। इसी वजह से मुसाफिरों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

मुंबई जाने वालों की परेशानी तो और भी बड़ी है। मुसाफिरों की शिकायत है कि रात 12 बजकर 45 मिनट पर सेवाग्राम एक्सप्रेस निकल जाने के बाद मुंबई की अगली गाड़ी मिलने तक करीब 18 घंटे इंतज़ार करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री के स्तर से चिट्ठी जाने के बाद भी स्टॉप असल में शुरू क्यों नहीं हुए, रेलवे प्रशासन के पास क्या पैरवी की गई और मूर्तिजापुर के मुसाफिरों को राहत देने के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं, इन सब पर उनकी भूमिका अहम होगी।

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