धरमपेठ मूनलाइट के मालिक उमेश वर्मा समेत तीन के खिलाफ FIR का आदेश
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फर्जी शपथपत्र के जरिए पैतृक संपत्ति के रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप; 27 अक्टूबर को कोर्ट का आदेश, 30 अक्टूबर को सिताबर्डी थाने में शिकायत
नागपुर के धरमपेठ स्थित मूनलाइट फोटो स्टूडियो के मालिक उमेश वर्मा पारिवारिक संपत्ति विवाद को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। न्यायालय ने उमेश वर्मा, गिरीश नारायण आग्रे और ईश्वर शेंद्रे के खिलाफ FIR दर्ज करने का सिताबर्डी पुलिस को आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता राजेश वासुदेव वर्मा (60) के अनुसार, उनके पिता वासुदेव हिरालाल वर्मा का निधन 24 मई 1990 को हुआ था। उनकी पत्नी शकुंतला वर्मा और तीन बेटे हरीश, उमेश तथा राजेश कानूनी वारिस थे।
आरोप है कि उमेश वर्मा ने 18 फरवरी 2021 को नोटरी क्रमांक 1407 के तहत कथित फर्जी शपथपत्र तैयार करवाकर अन्य वारिसों की जानकारी और सहमति के बिना संपत्ति के रिकॉर्ड में बदलाव कराया। इसके आधार पर 13 अक्टूबर 2022 को भूमि अभिलेख कार्यालय में फेरफार क्रमांक 10428 के तहत उनका नाम दर्ज कराया गया। इस प्रक्रिया में गिरीश आग्रे और ईश्वर शेंद्रे की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस द्वारा FIR दर्ज नहीं किए जाने के बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। क्रिमिनल मिसलेनियस एप्लीकेशन क्रमांक 1574/2026 में न्यायालय क्रमांक-2, JMFC नागपुर ने 27 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 337, 338, 340 और 3(5) के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
इसके बाद 30 अक्टूबर को राजेश वर्मा ने सिताबर्डी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट प्रस्तुत की। अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। आरोपों की पुष्टि होना बाकी है और संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आना बाकी है।
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