मुंबई में 22 अक्टूबर को तीन नए फ्लाईओवर खुलेंगे, फडणवीस करेंगे वर्चुअल लोकार्पण
सायन, विद्याविहार और गोरेगांव-मुलुंड जोड़ रोड (GMLR) के तीन फ्लाईओवर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे वर्चुअल तरीके से खुलेंगे।
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मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था को तेज और आसान बनाने के लिए एक ही दिन में तीन अहम फ्लाईओवर का लोकार्पण होने जा रहा है। ये फ्लाईओवर सायन, विद्याविहार और गोरेगांव-मुलुंड जोड़ रोड (GMLR) पर बने हैं। इनके खुलने से लाखों मुंबईवासियों का सफर आसान होगा।
सायन रेलवे स्टेशन के पास का रेलवे ओवरब्रिज, विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास का रेलवे ओवरब्रिज और गोरेगांव-मुलुंड जोड़ रोड का फ्लाईओवर बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से बनाए गए हैं। लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे वर्चुअल तरीके से होगा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे।
सायन स्टेशन के पास के पुल की कहानी मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (MUTP-2) से जुड़ी है। इसके तहत मध्य रेलवे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कुर्ला के बीच दो अतिरिक्त रेल लाइनें, यानी 5वीं और 6वीं, डालने की योजना बना रही है। इन लाइनों के लिए जगह चाहिए थी, इसलिए रेलवे की जरूरत के हिसाब से सायन स्टेशन के पास रेलवे के ऊपर बने पुल को फिर से बनाने का काम उठाया गया। साथ ही 112 साल पुराने इस पुल को असुरक्षित करार दिया गया था, इसलिए भी इसका पुनर्निर्माण जरूरी हो गया था।
रेलवे की हद में मुख्य पुल का काम रेलवे विभाग ने किया। महानगरपालिका की हद में पहुंच मार्ग का नवीनीकरण और मजबूतीकरण रेलवे के तालमेल से महानगरपालिका के पुल विभाग ने किया है। मध्य रेलवे ने दक्षिण की तरफ नया पैदल पुल भी बनाया है। रेल पटरियों के ऊपर के पुल में रेलवे ने 496 टन वजन, 54.5 मीटर लंबाई और 26 मीटर चौड़ाई के दो 'सेमी-थ्रू स्टील गर्डर' लगाए हैं। पश्चिम में लाल बहादुर शास्त्री मार्ग के नीचे नया पैदल अंडरपास बना, जो 20 फरवरी 2026 को खोला गया। संत रोहिदास मार्ग के नीचे के पुराने पैदल अंडरपास को शिफ्ट कर दोबारा बनाया गया और वह 14 जुलाई 2026 को खोला गया।
पहुंच रोड तीन मुख्य सड़कों की तरफ भराव करके बनाए गए हैं: पश्चिम में कुर्ला की ओर लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, धारावी की ओर संत रोहिदास मार्ग और पूर्व में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग। धारावी की तरफ पहुंच रोड 110 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा है। कुर्ला की तरफ 97 मीटर लंबा और 29 मीटर चौड़ा है। डॉ. आंबेडकर मार्ग की तरफ 65 मीटर लंबा और 27 मीटर चौड़ा है।
सायन स्टेशन के पास के पुराने पुल के खंभे रेल पटरियों के बीच थे और वे नई लाइनें डालने में रुकावट बन रहे थे। नए पुल के बनने से अतिरिक्त जगह मिलेगी और रेल लाइनों का विस्तार हो सकेगा, जिससे लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी। यह पुल पश्चिम की ओर धारावी, बांद्रा, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स और कुर्ला को, और पूर्व की ओर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ने वाली अहम पूर्व-पश्चिम कड़ी है। इसका काम फरवरी 2027 में पूरा होना अपेक्षित था, लेकिन यूटिलिटी लाइनों और पानी की पाइपलाइनों के शिफ्टिंग, प्रभावित पेड़ों और सार्वजनिक शौचालयों के स्थानांतरण जैसी अड़चनों के बावजूद काम चार महीने पहले पूरा हो गया। इस परियोजना का पूरा खर्च रेलवे विभाग के फंड से हुआ है।
विद्याविहार का फ्लाईओवर बृहन्मुंबई महानगरपालिका के 'एन' वॉर्ड की हद में, घाटकोपर इलाके में है। यह विद्याविहार स्टेशन की पटरियों के ऊपर से गुजरकर पूर्व के रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को पश्चिम के लालबहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है और इसे महानगरपालिका के पुल विभाग ने बनाया है। इससे सफर का समय 30 मिनट से घटकर 10 मिनट रह जाएगा और घाटकोपर स्टेशन के पास के फ्लाईओवर पर ट्रैफिक भी कम होगा।
यह फ्लाईओवर कुल 600 मीटर लंबा है और इसमें 15.50 से 17.50 मीटर चौड़ाई की दो लेन हैं। पहले चरण में रेलवे की हद के भीतर की सेवाओं की बहाली और पटरियों पर 99.34 मीटर लंबे और 24.50 मीटर चौड़े दो गर्डर लगाने का काम 31 मई 2024 को पूरा हुआ। दूसरे चरण में पूर्व और पश्चिम की तरफ 500 मीटर लंबी सर्विस रोड, सोमैया नाले का विस्तार और मध्य रेलवे की सेवा सुविधाओं का स्थानांतरण 30 सितंबर 2026 तक पूरा किया गया। कुल 650 मीटर की इस परियोजना में पटरियों पर 100 मीटर का पुल है, पूर्व की तरफ 220 मीटर और पश्चिम की तरफ 330 मीटर का अप्रोच रोड बना है। पुल से विद्याविहार स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक जाने का जोड़ मार्ग भी दिया गया है, और दोनों तरफ की टिकट खिड़की, स्टेशन मास्टर का दफ्तर और सीढ़ियां फिर से बनाई गई हैं।
तीसरा फ्लाईओवर गोरेगांव-मुलुंड जोड़ रोड (GMLR) परियोजना का हिस्सा है, जिसे बृहन्मुंबई महानगरपालिका लागू कर रही है। इसका मुख्य मकसद ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़कर पूर्व और पश्चिम उपनगरों के बीच ट्रैफिक आसान करना है। गोरेगांव पूर्व में रत्नागिरी होटल के पास के जंक्शन पर 1.26 किलोमीटर लंबा, 3x3 लेन का फ्लाईओवर बना है। गोरेगांव (पूर्व) में जनरल अरुणकुमार वैद्य मार्ग से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी मार्ग पर संतोष नगर तक फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है।
इस फ्लाईओवर से जनरल अरुणकुमार वैद्य मार्ग, दिंडोशी कोर्ट, होटल रत्नागिरी जंक्शन, वालभट नदी चौक और आसपास के इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। इसकी सुपरस्ट्रक्चर पहले से बने बॉक्स आकार के कंक्रीट सेगमेंट से तैयार हुई है। P7 से P11 खंभों के बीच घुमावदार स्टील स्पैन बनाया गया है। जमीन की परतों की स्थिति के हिसाब से पाइल फाउंडेशन और ओपन फाउंडेशन दोनों तरह की नींव डाली गई है, और ढलान वाले अप्रोच रोड भी बनाए गए हैं।
करीब 12.20 किलोमीटर लंबी पूरी GMLR परियोजना से पश्चिम और पूर्व उपनगरों के बीच सफर का समय 75 मिनट से घटकर 25 मिनट पर आ जाएगा। इसके अलावा ईंधन की बचत होगी और मुंबई के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार होगा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका का यह उपक्रम मुंबईवासियों के रहन-सहन को बेहतर करने की दिशा में एक अहम कदम है।
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