मुंबई के फोर्ट में 8 और 9 अक्टूबर को बजेगा प्रोटोटाइप सायरन, BMC की अपील: घबराएं नहीं
मुंबई के फोर्ट इलाके में नए प्रोटोटाइप सायरन की टेस्टिंग 8 और 9 अक्टूबर 2026 को होगी। BMC ने लोगों से घबराने या अफवाहों पर यकीन न करने को कहा है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में 8 और 9 अक्टूबर 2026 को सायरन की तेज आवाज सुनाई देगी। यह आवाज किसी हादसे या खतरे की वजह से नहीं होगी। आपातकालीन हालात से निपटने के लिए लगाए गए एक नए प्रोटोटाइप सायरन सिस्टम की टेस्टिंग की जानी है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी तरह का डर या गलतफहमी न पालें।
जानकारी के मुताबिक यह आधुनिक प्रोटोटाइप सायरन सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलिमैटिक्स (C-DOT) की एक खास टीम ने तैयार किया है। टीम ने यह काम केंद्र सरकार के तहत आने वाले नई दिल्ली के 'नागरी संरक्षण' महासंचालनालय के मार्गदर्शन में किया। सुरक्षा इंतजाम के तौर पर यह उपकरण फोर्ट की दो अहम इमारतों पर लगाया गया है। इनमें से एक फोर्ट की पुरानी सचिवालय इमारत यानी जोड इमारत है और दूसरी क्रॉस मैदान पर बना नागरी संरक्षण कॉलेज।
BMC प्रशासन ने साफ किया है कि पूरी मुहिम और यह टेस्ट पहले से तय है। मुंबई शहर में फिलहाल कोई असली आपातकालीन स्थिति पैदा नहीं हुई है और न ही किसी तरह का खतरा है। यह सिर्फ सिस्टम की तकनीकी जांच का हिस्सा है। इसलिए 8 और 9 अक्टूबर को सायरन की तेज आवाज सुनकर इलाके के स्थानीय लोग, कारोबारी और वहां काम करने वाले कर्मचारी घबराएं नहीं, ऐसे साफ निर्देश प्रशासन की तरफ से दिए गए हैं।
टेस्टिंग में जिन सायरनों को बजाया जाएगा, वे बृहन्मुंबई की पुरानी सचिवालय इमारत (जोड इमारत), फोर्ट, मुंबई और क्रॉस मैदान की नागरी संरक्षण वाली इमारत पर लगे हैं। इस दौरान आवाज सुनाई दे तो न डरें और न ही कोई गलतफहमी पालें। सायरन बजाने की यह प्रक्रिया सिर्फ प्रोटोटाइप सायरन उपकरण की टेस्टिंग का हिस्सा है।
BMC प्रशासन ने मुंबईकरों से सहयोग की अपील की है। इस टेस्ट को लेकर सोशल मीडिया या दूसरे जरिए से फैल रही किसी भी झूठी अफवाह पर लोग यकीन न करें और कोई भी गैर-आधिकारिक जानकारी आगे न भेजें, यह चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि लोग शांति बनाए रखें और इस पहले से तय टेस्ट में पूरा सहयोग करें। यही अपील अतिरिक्त नियंत्रक, नागरी संरक्षण, बृहन्मुंबई ने भी की है।