वरळी नेहरू विज्ञान केंद्र फ्लाईओवर 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने का निर्देश
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने वरळी में नेहरू विज्ञान केंद्र से नेहरू तारांगण के बीच बन रहे उड्डाणपुल और सब वे के काम की समीक्षा की और 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने को कहा।
वरळी में नेहरू विज्ञान केंद्र से नेहरू तारांगण के बीच बन रहे उड्डाणपुल और सब वे के काम को लेकर बड़ी अपडेट आई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने इन प्रकल्पों का काम 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने 30 सितंबर 2026 को मौके पर जाकर काम की मौजूदा हालत की पूरी समीक्षा की।
नेहरू विज्ञान केंद्र की तरफ यानी NSC Side पर 1200 मिलीमीटर व्यास वाले मुख्य पाइल का काम 100 टक्के पूरा हो चुका है। यहां कुल 18 में से 17 पाइल कैप, 18 में से 17 पिअर और 18 में से 17 पिअर कैप का काम हो गया है।
जिजामाता नगर की तरफ भी 1200 मिलीमीटर व्यास की मुख्य पायलिंग पूरी हो गई है। यहां कुल 17 में से 17 पाइल कैप, 17 में से 17 पिअर और 17 में से 17 पिअर कैप तैयार हैं।
पोर्टल बीम और गर्डर बनाने का काम प्रकल्प की जगह पर भी चल रहा है और निर्मिती केंद्र में भी। कुल 14 में से 14 पोर्टल बीम बन चुके हैं। 18 गर्डर स्पैन में से 17 का काम पूरा है, बाकी 1 गर्डर स्पैन का काम चल रहा है।
खड़ा करने का काम भी तेजी से चल रहा है। कुल 14 में से 13 पोर्टल बीम खड़े हो चुके हैं और 18 में से 9 गर्डर स्पैन लग चुके हैं। डेक स्लैब की कंक्रीटिंग 18 में से 7 स्पैन में पूरी हो गई है, जबकि 2 और स्पैन में कंक्रीटिंग का काम चल रहा है।
इस उड्डाणपुल से लोगों का सफर छोटा होगा। अभी इस रास्ते से जाने वाले वाहनचालकों को वरळी नाका (आचार्य अत्रे चौक) से घूमकर जाना पड़ता है। प्रस्तावित उड्डाणपुल बनने पर सफर का वक्त करीब 15 मिनट कम होने की उम्मीद है।
इस पुल से ई. मोझेस मार्ग से सीधे अॅनी बेझंट मार्ग और धर्मवीर स्वराज्यरक्षक छत्रपती संभाजी महाराज किनारी मार्ग (Coastal Road) की तरफ जाने के लिए आसान और नजदीकी रास्ता मिलेगा। लोअर परळ, महालक्ष्मी और करी रोड की तरफ से आने वाली गाड़ियां भी इस पुल का सीधा इस्तेमाल कर सकेंगी।
नतीजा यह कि वरळी नाका इलाके की ट्रैफिक भीड़ घटने में मदद मिलेगी। दूरी और जाम कम होने से वाहनचालकों का ईंधन भी बचेगा।
बांगर ने निर्देश दिए कि बाकी काम तय वक्त में पूरा करने के लिए जरूरी मनुष्यबल, मशीनरी और संसाधनों का ठीक से नियोजन किया जाए और काम की रफ्तार बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों के बीच जरूरी तालमेल बिठाकर प्रकल्प को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय करके ट्रैफिक का आराखडा तैयार किया जाए।