मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर 20 किमी तक जाम, रात से सुबह तक फंसे रहे लोग
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प्रदीप पूर्णेकर हत्या मामले के विरोध में हुए आंदोलन का असर हाईवे की ट्रैफिक पर पड़ा। वर्सोवा पुल से विरार की हद तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगीं।
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय महामार्ग पर मुंबई और ठाणे की तरफ जाने वाली लेन में भारी जाम लग गया, जिससे मुसाफिरों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी। वर्सोवा पुल से लेकर विरार की हद तक करीब 15 से 20 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
यह जाम मंगलवार (27 अक्टूबर) की रात से शुरू हुआ और बुधवार सुबह तक बना रहा। इस वजह से कई वाहन चालकों को घंटों तक हाईवे पर ही फंसे रहना पड़ा।
बताया गया है कि ठाणे के चर्चित प्रदीप पूर्णेकर हत्या मामले के विरोध में बुलाए गए आंदोलन का सीधा असर हाईवे की ट्रैफिक पर पड़ा। आंदोलन की वजह से मुंबई और ठाणे की तरफ जाने वाली ट्रैफिक गड़बड़ा गई। बुधवार सुबह ट्रैफिक धीमी रफ्तार से शुरू करवाई गई, लेकिन गाड़ियों की तादाद बहुत ज्यादा होने से जाम खुलने में वक्त लगने की संभावना थी।
इस जाम की सबसे ज्यादा मार सुबह काम पर निकले नौकरीपेशा लोगों, मजदूरों और स्कूली बच्चों पर पड़ी। हाईवे पर कतारें इतनी लंबी थीं कि कई लोगों के लिए तय वक्त पर अपनी जगह पहुंचना मुश्किल हो गया।
इन दिनों स्कूलों की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए बच्चों की दिक्कत और बढ़ गई। परीक्षा केंद्र पर वक्त पर पहुंचने के लिए बच्चों और उनके माता-पिता को काफी भागदौड़ करनी पड़ी। जाम की वजह से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होने की आशंका भी जताई गई।
हाईवे के पास रहने वाली स्थानीय निवासी भाविका भोईर ने इस जाम पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "हम सुबह पौने सात बजे ही बच्चों को लेकर स्कूल के लिए निकले थे। लेकिन पूरे दो घंटे जाम में फंसे रहना पड़ा। हाईवे के पास रहने वाले लोगों को ऐसी दिक्कतों का लगातार सामना करना पड़ता है।"
भाविका भोईर ने यह भी कहा कि बच्चों की परीक्षा के दौरान ऐसा जाम हो तो उनकी पढ़ाई का नुकसान हो सकता है। इसलिए उन्होंने मांग की कि प्रशासन ट्रैफिक का ठीक से इंतजाम करे।
हाईवे की इस भीड़ से इलाके में ट्रैफिक मैनेजमेंट का सवाल एक बार फिर उठ गया है। हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पहले ही बहुत ज्यादा रहती है। ऐसे में आंदोलन के वक्त दूसरे रास्तों की व्यवस्था और ट्रैफिक को मोड़ने की योजना असरदार तरीके से बनाना जरूरी है, यह इस घटना से साफ हुआ।
जाम की वजह से लोगों का कीमती वक्त बर्बाद हो रहा है और काम पर जाने वाले कर्मचारियों, मजदूरों और बच्चों की रोजमर्रा की दिनचर्या पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस का वक्त पर कदम उठाना और मुसाफिरों को दूसरे रास्तों की जानकारी देना अहम होगा। प्रशासन की तरफ से हाईवे से सफर करने वालों से अपील की गई कि वे ट्रैफिक के मौजूदा हालात देखकर अपने सफर की योजना बनाएं।
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