मूल-पोंभुर्णा के धान किसानों को राहत, असोलामेंढा धरण का पानी 15 नवंबर तक मिलेगा
विदर्भ सिंचाई विकास निगम ने असोलामेंढा धरण से पानी की सप्लाई 15 नवंबर 2026 तक जारी रखने को मंजूरी दी है।
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चंद्रपुर: विदर्भ सिंचाई विकास निगम ने असोलामेंढा बांध से पानी की सप्लाई 15 नवंबर 2026 तक चालू रखने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से मूल और पोंभुर्णा तालुका के धान उगाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिली है।
इस वक्त धान की फसल दाने भरने की हालत में है। इसी दौर में अगर पानी की कमी हो जाए तो दाने खोखले रह जाते हैं और पैदावार घटने का डर रहता है। किसानों की यही चिंता थी कि ऐन मौके पर पानी बंद हुआ तो साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
बताया गया है कि विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इस मामले को लेकर निगम के कार्यकारी संचालकों से तुरंत बात की और पीछा किया। उन्होंने मांग रखी थी कि पानी की सप्लाई 15 नवंबर 2026 तक चालू रहे। प्रशासन ने यह मांग मान ली, जिससे किसानों में संतोष है।
मूल और पोंभुर्णा तालुका में धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। फसल अभी भराई की अहम स्टेज में है और बालियों के दाने पूरी तरह भरने के लिए उसे भरपूर पानी चाहिए। पानी का तनाव आया तो दाने खोखले रहेंगे, उनका वजन घटेगा और नतीजे में पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। किसानों का आर्थिक नुकसान न हो, इसके लिए असोलामेंढा बांध से पानी मिलते रहना वक्त की जरूरत थी।
किसानों के लिए पानी सिर्फ सिंचाई का सवाल नहीं है। यह उनकी साल भर की मेहनत और परिवार की आर्थिक स्थिरता से जुड़ा मामला है। फसल को जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी वक्त पानी मिलता रहे, इसके लिए सही समय पर फैसला होना जरूरी होता है।
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने किसानों की दिक्कतों को वक्त रहते समझा और प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखी। इस फैसले से धान की फसल को होने वाला संभावित नुकसान टल जाएगा। भराई के ऐन वक्त पर पानी मिलने से किसानों में राहत और संतोष का माहौल है।
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