बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मॉरिटानिया में भरे शरीर को सुंदर मानने की सोच और तलाक के बाद दोबारा शादी की प्रथाएं

मॉरिटानिया में भरे शरीर को सुंदर मानने की सोच और तलाक के बाद दोबारा शादी की प्रथाएं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

मॉरिटानिया के कुछ पारंपरिक समुदायों में भरे शरीर को अहमियत दी जाती रही है और तलाक के बाद दोबारा शादी को मंजूर माना जाता है।

हर देश की अपनी संस्कृति, रहन-सहन और खूबसूरती को लेकर अपनी सोच होती है। कहीं पतली काया को सुंदरता की निशानी माना जाता है, तो कुछ समाजों में पहले भरे हुए शरीर को खुशहाली से जोड़कर देखा जाता था। पश्चिम अफ्रीका का देश मॉरिटानिया ऐसी ही कुछ पारंपरिक मान्यताओं की वजह से चर्चा में रहता है। वहां शादी, तलाक और दोबारा शादी को लेकर कुछ समुदायों में अलग तरह की सामाजिक प्रथाएं देखने को मिलती हैं।

मॉरिटानिया पश्चिम अफ्रीका में अटलांटिक महासागर के किनारे बसा है। देश के बड़े हिस्से में सहारा रेगिस्तान फैला हुआ है। राजधानी और सबसे अहम शहरी केंद्र नुआकशोत है। यह देश इस्लामिक इतिहास, पारंपरिक घुमंतू जीवनशैली और रेगिस्तानी संस्कृति के लिए जाना जाता है। लोहे का खनिज, सोना, तांबा और दूसरी खनिज संपदा इसकी अर्थव्यवस्था के अहम हिस्से हैं।

कुछ पारंपरिक समुदायों में भरे हुए शरीर को काफी पहले से खास अहमियत दी जाती रही है। वहां इसका सामाजिक मतलब यह निकाला जाता था कि इंसान के पास खाने की कमी नहीं है और उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत है। इसी सोच के चलते कुछ समुदायों में महिलाओं का वजन बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात दर्ज की गई है। हालांकि ऐसी प्रथाएं सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं। यह नतीजा निकालना भी ठीक नहीं होगा कि मॉरिटानिया की सारी महिलाओं को मोटा होना पसंद है या आज भी वही सुंदरता का मुख्य पैमाना है। आधुनिक जीवनशैली, पढ़ाई-लिखाई और बदलती सामाजिक सोच के साथ सुंदरता के खयाल भी बदल रहे हैं।

मॉरिटानिया के कुछ समाजों में तलाक के बाद दोबारा शादी करना मंजूर बात मानी जाती है। शादी नहीं चली, इसलिए औरत की सामाजिक जिंदगी खत्म हो गई, ऐसी धारणा हर जगह नहीं मिलती। कुछ समुदायों में तलाकशुदा महिलाओं को नया जीवनसाथी ढूंढने का मौका मिलता है।

जीवनसाथी ढूंढने के लिए सामाजिक कार्यक्रमों या बिचौलियों के जरिए जान-पहचान कराने की प्रथाएं भी कुछ जगहों पर दिखती हैं। कभी-कभी इन्हें 'तलाकशुदा महिलाओं का बाजार' कहा जाता है। लेकिन यह शब्द पूरे देश की महिलाओं के हालात की सही तस्वीर नहीं दिखाता। ऐसी प्रथाओं को किसी आधिकारिक बाजार का रूप मान लेना भी ठीक नहीं है।

मॉरिटानिया का इतिहास और सामाजिक सच्चाई कई परतों में उलझी हुई है। देश में गुलामी के खिलाफ कानून बनाए गए हैं, फिर भी कई मानवाधिकार संगठनों ने दर्ज किया है कि आज के दौर में भी पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही गुलामी और उससे जुड़े भेदभाव की समस्याएं बनी हुई हैं। प्राकृतिक संसाधन भरपूर होने के बावजूद गरीबी, आर्थिक असमानता और रोजगार के सीमित मौके यहां की चुनौतियां हैं। इसलिए वहां की सामाजिक प्रथाओं को समझते वक्त सांस्कृतिक खासियतों के साथ आर्थिक हालात और महिलाओं के अधिकारों पर भी गौर करना जरूरी है।

मॉरिटानिया की एक और पहचान लोहे का खनिज ढोने वाली लंबी मालगाड़ी है। यह गाड़ी झुएरात की खदानों से अटलांटिक किनारे के नुआधिबू बंदरगाह तक चलती है। अपनी लंबाई और रेगिस्तान से गुजरते रास्ते की वजह से यह दुनिया भर के रेलवे के शौकीनों और पर्यटकों को खींचती है।

मॉरिटानिया की पहचान सिर्फ अनोखी परंपराओं तक सीमित नहीं है। रेगिस्तान, ऐतिहासिक शहर, इस्लामिक विरासत, खनिज संपदा और सामाजिक बदलाव इस देश को खास बनाते हैं। वहां की शादी और सुंदरता से जुड़ी परंपराओं को देखते वक्त उनके सांस्कृतिक संदर्भ समझना और सभी समुदायों के बारे में एक जैसे नतीजे निकालने से बचना जरूरी है।

#नागपुर#कल्चर#PT24#Culture#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे