मीरा-भायंदर में पानी की कटौती के बीच प्राइवेट टैंकर 50 फीसदी महंगे हुए
स्टेम प्राधिकरण और एमआईडीसी की 10 फीसदी पानीकटौती के बाद मीरा-भायंदर में 500 लीटर का टैंकर 400 से 600 रुपये तक पहुंचा।
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मीरा-भायंदर शहर में पानी की किल्लत बढ़ गई है और इसका फायदा उठाकर प्राइवेट टैंकर वालों ने रेट काफी बढ़ा दिए हैं। स्टेम प्राधिकरण और एमआईडीसी की तरफ से की गई 10 फीसदी पानीकटौती के बाद हालात बिगड़े हैं। पहले 500 लीटर पानी के लिए करीब 400 रुपये लगते थे, अब लोगों को उसी पानी के लिए 600 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। जो लोग पहले से पानी की कमी झेल रहे थे, उन पर अब पैसों का बोझ भी आ गया है।
मीरा-भायंदर को स्टेम प्राधिकरण और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) से रोज करीब 200 मिलियन लीटर पानी मिलता है। आगे पानी की किल्लत की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने 10 फीसदी कटौती लागू की है। इस फैसले के मुताबिक हफ्ते में तय वक्त पर स्टेम और एमआईडीसी से मिलने वाली सप्लाई बंद रखी जा रही है। कटौती शुरू होने के बाद शहर के कई इलाकों में सप्लाई गड़बड़ा गई है।
शुक्रवार से शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी की कमी महसूस होने लगी। कुछ जगह सप्लाई फिर शुरू हो गई, लेकिन पानी कम प्रेशर से आ रहा है, इसलिए लोग जरूरत भर पानी जमा नहीं कर पाए। सबसे ज्यादा मार पुरानी इमारतों और घनी आबादी वाले इलाकों के रहने वालों पर पड़ी है। रोजमर्रा के काम के लिए भी पानी नहीं मिल रहा, तो लोगों को प्राइवेट टैंकर का सहारा लेना पड़ रहा है।
नगर निगम के टैंकर मुख्य रूप से बड़ी हाउसिंग सोसायटियों को पानी देते हैं। इसलिए पुरानी इमारतों और अलग घरों में रहने वालों को 500 लीटर वाले प्राइवेट टैंकर पर निर्भर रहना पड़ता है। शहर में कई प्राइवेट टैंकर वाले काम करते हैं, जो नगर निगम के पानी के साथ बोरवेल और तालाबों से भी पानी सप्लाई करते हैं। पिछले चार दिनों में पानी की किल्लत की वजह से इन टैंकरों की मांग बहुत बढ़ गई है।
बढ़ती मांग का असर रेट पर साफ दिख रहा है। पहले 500 लीटर के लिए मोटे तौर पर 400 रुपये लगते थे, अब यह 600 रुपये तक पहुंच गया है। यानी हर टैंकर पर लोगों को करीब 200 रुपये ज्यादा देने पड़ रहे हैं। इस हिसाब से पानी के रेट में लगभग 50 फीसदी का इजाफा हुआ है।
एक तरफ नगर निगम की तरफ से नियमित और ठीक प्रेशर से पानी नहीं मिल रहा, तो दूसरी तरफ प्राइवेट टैंकर के बढ़े रेट जेब पर भारी पड़ रहे हैं। पीने, खाना पकाने और रोजमर्रा के काम के लिए लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में पानी की किल्लत के दौरान प्राइवेट टैंकर वालों के रेट पर नियंत्रण रखने की मांग नागरिकों की तरफ से उठने की संभावना है।
नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्राइवेट टैंकर सप्लायरों के ज्यादा पैसे लेने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे टैंकर वालों की जांच करने के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अगर नागरिक ज्यादा रेट लेने के सबूत देकर आधिकारिक शिकायत करेंगे, तो संबंधित टैंकर वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अब लोगों की नजर इस पर है कि पानीकटौती के दौरान शहर की सप्लाई सुचारु करने के साथ नगर निगम प्राइवेट टैंकर के रेट पर कैसे लगाम लगाती है।
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