धाराशिव के स्मार्ट बाजार में एफडीए की जांच, चिप्स और नारियल पानी के नमूने लिए
शिकायत के बाद अन्न व औषध प्रशासन ने रिलायंस के स्मार्ट बाजार स्टोर की जांच की और चार तरह के खाने के नमूने जब्त किए। अब लैब रिपोर्ट का इंतजार है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
धाराशिव में रिलायंस के स्मार्ट बाजार स्टोर पर अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने जांच की है। ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ होने की शिकायत आई थी, उसी के बाद यह कार्रवाई हुई। शिकायत करने वाले ने जिन खाने की चीजों का जिक्र किया था, उनके नमूने प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। इससे स्टोर में बिकने वाले खाने की क्वालिटी और सुरक्षा का सवाल अब सबके सामने आ गया है।
अन्न सुरक्षा अधिकारी गणेश दत्तू ने बताया कि शिकायत के आधार पर स्मार्ट बाजार की जांच की गई। इस दौरान चिप्स के पैकेट, नारियल, खोबरा और नारियल पानी के नमूने लिए गए। इन नमूनों की जांच होगी और खाने की क्वालिटी को लेकर आगे की कार्रवाई उसी के हिसाब से की जाएगी।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि जांच के वक्त कुछ एक्सपायर हो चुकी चीजें मिलीं। हालांकि प्रशासन की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने पर ही साफ होगा कि असल में क्या मिला। इसलिए सबकी नजर इस पर है कि एफडीए आगे क्या कदम उठाता है।
शिकायत की शुरुआत एक आदमी की बिगड़ी तबीयत से हुई। मिली जानकारी के मुताबिक 19 और 21 अक्टूबर को स्मार्ट बाजार से खरीदा गया खाना खाने के बाद उस व्यक्ति को पेट दर्द और उलटी की तकलीफ हुई। इसके बाद धाराशिव के सुशांत वसंतराव बनसोडे ने 22 अक्टूबर को अन्न व औषध प्रशासन के पास लिखित शिकायत दी।
शिकायत में उन खाने की चीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाए गए थे। एफडीए ने इसे गंभीरता से लिया, स्टोर की जांच की और शिकायत से जुड़ी चीजों के नमूने ले लिए। ग्राहकों की सेहत को कोई खतरा है या नहीं, और इन चीजों की क्वालिटी में कोई कमी है या नहीं, यह अब नमूनों की रिपोर्ट से तय होगा।
बड़े कमर्शियल स्टोर में बिकने वाले खाने की क्वालिटी, उसकी एक्सपायरी डेट और रखने के तरीके की नियमित जांच जरूरी है। खासकर पैकेट बंद सामान और नारियल पानी जैसी चीजें, जो सीधे पीने या खाने के लिए तैयार होती हैं, उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर एक्सपायर चीजें मिलने की बात सच निकली, तो ग्राहकों की सेहत के लिहाज से यह मामला गंभीर हो सकता है। मगर इन चीजों की एक्सपायरी, नमूनों के नतीजे और नियम तोड़ने की प्रकृति पर आधिकारिक जानकारी आना जरूरी है।
नमूने लेने के साथ जांच का पहला चरण पूरा हो गया है। अब लैब रिपोर्ट में क्या निकलता है, यह अहम होगा। अगर अन्न सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिला, तो क्या प्रशासन जिम्मेदारों पर नियम के मुताबिक कार्रवाई करेगा, ग्राहक यही देख रहे हैं।
इस मामले से एक सवाल और उठा है। क्या बड़े स्टोर के खाने की सुरक्षा पर शिकायत आने के बाद ही जांच होगी, या नियमित जांच से ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाई जाएगी? सिर्फ नमूने लेकर रुक जाना काफी नहीं है। प्रशासन से उम्मीद है कि वह जांच का नतीजा और उसके हिसाब से की गई कार्रवाई साफ तौर पर बताए।
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