सातारा में FDA की छापेमारी, 1.87 लाख का माल जब्त, तीन दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड
मनसे के निवेदन के बाद अन्न व औषध प्रशासन ने सातारा में जांच अभियान चलाया। दो जगहों से माल जब्त हुआ और तीन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
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सातारा, 23 अक्टूबर। त्योहारों के मौसम में खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी का सवाल उठा हुआ था। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे के पीछे लगने के बाद सातारा में अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दो जगहों से 1 लाख 87 हजार 120 रुपये का माल जब्त किया गया है और तीन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। एक तेल डेपो पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा है।
मनसे के शहराध्यक्ष राहुल पवार ने 1 अक्टूबर को अन्न व औषध प्रशासन को निवेदन दिया था। उसमें खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी को लेकर आई शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन ने खास जांच अभियान चलाया।
19 अक्टूबर की कार्रवाई रिपोर्ट के मुताबिक राजमाने तेल डेपो से 1 लाख 63 हजार रुपये का माल जब्त हुआ और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। सिविल हॉस्पिटल में चल रही साईबाबा कैंटीन का लाइसेंस भी निलंबित हुआ। होगार्ड मिल्क का लाइसेंस 12 दिनों के लिए सस्पेंड किया गया है।
पोवई नाका के लाटकर कंदी पेढा से 24 हजार 120 रुपये का खोया जब्त किया गया। डी.के. तेल डेपो पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा अलग-अलग होटलों, मिठाई की दुकानों और खाने-पीने का सामान बेचने वाले केंद्रों से खोया, हल्दी, तेल और दूसरी चीजों के नमूने लिए गए हैं। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर मनसे ने संतोष जताया है। फिर भी उसकी मांग है कि अभियान सिर्फ जांच तक सीमित न रहे और दोषियों पर नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई हो। राहुल पवार ने यह चेतावनी भी दी है कि दिवाली में मिलावटी खाने का सामान बिकता मिला तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। मनसे का कहना है कि लोगों की सेहत से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और प्रशासन को लगातार जांच करते रहना चाहिए।
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