शनिवार, 7 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मेहता पब्लिशिंग हाउस के संस्थापक अनिल मेहता का 86 साल की उम्र में कोल्हापुर में निधन

मेहता पब्लिशिंग हाउस के संस्थापक अनिल मेहता का 86 साल की उम्र में कोल्हापुर में निधन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

हार्ट अटैक से हुई मौत के बाद मराठी साहित्य और प्रकाशन जगत में शोक है। अनिल मेहता ने 1976 में मेहता पब्लिशिंग हाउस शुरू किया था।

मराठी साहित्य और प्रकाशन की दुनिया से एक दुखद खबर आई है। मशहूर प्रकाशन संस्था मेहता पब्लिशिंग हाउस के संस्थापक अनिल मेहता का कोल्हापुर में निधन हो गया। वे 86 साल के थे।

हार्ट अटैक आने से उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके जाने की खबर फैलते ही मराठी साहित्य और प्रकाशन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और हर तरफ से दुख जताया जा रहा है।

अनिल मेहता ने 1976 में मेहता पब्लिशिंग हाउस की नींव रखी थी। मराठी किताबों के प्रकाशन के क्षेत्र में इस संस्था ने अपनी अलग पहचान बनाई। साहित्य, कहानी, उपन्यास, वैचारिक लेखन और अलग-अलग विषयों की किताबें पाठकों तक पहुंचाने में मेहता प्रकाशन ने अहम भूमिका निभाई।

किताबों के प्रकाशन के काम में रहते हुए अनिल मेहता ने मराठी पाठकों और लेखकों के बीच का रिश्ता मजबूत करने में योगदान दिया। नए लेखकों को मंच देना, अच्छे दर्जे का साहित्य छापना और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना, इन तमाम तरीकों से मेहता प्रकाशन ने अपनी छाप छोड़ी।

पिछले कई दशकों से मेहता पब्लिशिंग हाउस का नाम मराठी पाठकों के लिए जाना-पहचाना बन चुका है। इसी वजह से संस्था के संस्थापक अनिल मेहता के निधन से साहित्य क्षेत्र ने एक अहम शख्सियत को खो दिया है।

कोल्हापुर में हार्ट अटैक से हुए इस निधन की खबर सामने आने के बाद मराठी साहित्य और प्रकाशन क्षेत्र के लोग अफसोस जता रहे हैं। 86 साल की उम्र में अनिल मेहता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

कुल मिलाकर बात इतनी है कि मेहता पब्लिशिंग हाउस जैसी जानी-मानी प्रकाशन संस्था की शुरुआत करने वाले अनिल मेहता अब नहीं रहे। उन्होंने यह संस्था 1976 में शुरू की थी, उनका निधन कोल्हापुर में हुआ और वजह हार्ट अटैक बताई गई है। मराठी पुस्तक प्रकाशन में उनके काम और मेहता प्रकाशन की किताबों को पाठक आगे भी याद रखेंगे।

#नागपुर#कल्चर#PT24#Culture#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे