मौत की मशीन! कचरा साफ करते समय ट्रॉमल में फंसा युवा मजदूर
दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप, सुस्बीड कंपनी पर लापरवाही का आरोप, मजदूरों ने किया प्रदर्शन
नागपुर.
कचरे की सफाई करने वाली मशीन ही एक मजदूर के लिए मौत का जाल बन गई. वाठोड़ा के बिडगांव रोड स्थित सुस्बीड कंपनी के सेग्रीगेशन प्लांट में ट्रॉमल मशीन की सफाई करते समय 28 वर्षीय मजदूर सलमान अयुब खान की दर्दनाक मौत हो गई. सफाई के दौरान पैर फिसला और वह सीधे मशीन में फंस गया. हादसे के बाद प्लांट में हंगामा और तनाव की स्थिति बन गई. मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाहू बरतने का आरोप लगाया है. कंपनी प्रबंधन के दबाव में हादसे की सच्चाई छूपाए जाने की चर्चा है.
वाठोड़ा थाना क्षेत्र के बिडगांव रोड में सुस्बीड कंपनी का कचरा सेग्रीगेशन प्लांट है. अंतुजी नगर, भांडेवाड़ी निवासी सलमान खान कंपनी में मजदूरी करता था. बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह करीब 7:30 बजे सलमान अपने साथी मजदूर अक्षय बेलकर के साथ ट्रॉमल मशीन पर कचरे की सफाई कर रहा था. इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसला. सलमान मशीन में फंस गया. देखते ही देखते सफाई का काम जानलेवा हादसे में बदल गया. मशीन में फंसने से सलमान गंभीर रूप से जख्मी हो गया. उसे पारडी के भवानी अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. घटना से मजदूरों में रोष फैल गया. सलमना के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए. मजदूरों का कहना था कि कंपनी की लापरवाही से सलमान की जान गई है. नागरिकों ने कंपनी के सामने प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की. इससे तनाव निर्माण हो गया. मजदूरों ने बताया कि पहले भी छोटी घटनाएं हुई है. उन्हें दबा दिया गया. सलमान की मौत होने से लापरवाही सामने आई है. इस घटना का पता चलते ही कंपनी के समर्थक कुछ छूटभैय्या नेता भी घटनास्थल पर पहुंच गए. वह कंपनी प्रबंधन की ओर से मजदूरों को मुआवजा देने का वादा करके शांत करने में जूट गए. पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम हजारे ने मुआवजे के साथ परिजनों को नौकरी दिए जाने की मांग की. प्रकरण के तुल पकड़ने का खतरा भांपकर कंपनी ने सलमना के परिजनों को मुआवजा और एक परिजन को नौकरी देने का आश्वासन दिया.
इस घटना से मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल पैदा हो गए है. मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जाना बेहद गंभीर है. मजदूरों के सुरक्षा की जांच करने के लिए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते है. इस तरह की लापरवाही में सुरक्षा अधिकारी के साथ कंपनी के संचालक भी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते है. इसके पहले समय-समय पर हुए हादसों में कंपनी के संचालकों को भी आरोपी बनाया गया था लेकिन सलमान की मौत के बाद जिस तरह छूटभैय्या नेताओं का झुंड मजदूरों को शांत करने में लगा हुआ था उससे पुलिस जांच में सच्चाई सामने आने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. वाठोड़ा पुलिस ने फिलहाल आकस्मिक दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।