माटुंगा में रेलवे की जमीन पर धारावी के पात्र लोगों के लिए 10 टावर, 10,432 घर बनेंगे
माटुंगा में रेलवे की 22 एकड़ जमीन पर धारावी के पात्र निवासियों के लिए 37 से 39 मंजिला 10 इमारतों का भूमिपूजन सोमवार को हुआ।
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धारावी के पुनर्विकास का काम अब जमीन पर उतर आया है। माटुंगा इलाके में रेलवे की जमीन पर धारावी के लोगों के लिए 10 ऊंची इमारतें बनने जा रही हैं। इस बड़े काम की शुरुआत सोमवार को हुई।
काम का भूमिपूजन अदानी एंटरप्राइजेस के डायरेक्टर प्रणव अदानी के हाथों हुआ। इस मौके पर नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता और धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के प्रमुख महेंद्र कल्याणकर भी मौजूद थे।
धारावी का पूरा पुनर्विकास अदानी ग्रुप की कंपनी अदानी नवभारत डेवलपर्स कर रही है। माटुंगा में रेलवे की 22 एकड़ जमीन है और वहां रेलवे कर्मचारियों के लिए घरों का काम पहले से चल रहा है। अब उसी इलाके में धारावी के पात्र निवासियों के लिए 10 इमारतों का काम शुरू हुआ है। ये इमारतें 37 से 39 मंजिल की होंगी, यानी एकदम टावर जैसी ऊंची।
इन इमारतों में कुल 10 हजार 432 घर होंगे। सिर्फ घर ही नहीं, 1379 कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूनिट भी बनाई जाएंगी। इससे लोगों का रोजगार भी बना रहेगा।
एएनडीपीएल कंपनी की दी हुई जानकारी के मुताबिक ये 10 इमारतें एक साथ नहीं, तीन चरणों में सरकार को सौंपी जाएंगी। पहली 5 इमारतें मार्च 2029 तक पूरी होंगी। उसके बाद की 2 इमारतें अगस्त 2029 तक और बाकी 3 इमारतें अगस्त 2030 तक पूरी करके डीआरपी को दी जाएंगी। बनने के बाद पहले 10 साल तक इन इमारतों की देखभाल कंपनी ही करेगी। लिफ्ट, पानी और कॉमन सुविधाएं, सब कुछ उसी के जिम्मे रहेगा।
हर घर का साइज 350 स्क्वेयर फुट होगा। हर बिल्डिंग में 10 से 12 लिफ्ट लगाई गई हैं, और दुकानों व कारखाने की यूनिटों के लिए 2 अलग लिफ्ट दी गई हैं। निवासियों के लिए सभागार, बाग, सोसायटी ऑफिस, बच्चों के खेलने का मैदान और प्रार्थनास्थल भी रहेगा।
हर इमारत की 10 प्रतिशत कमर्शियल जगह बिल्डिंग के मेंटेनेंस के लिए रिजर्व रखी जाएगी। उससे जो किराया आएगा, उसी से इमारत का खर्च चलेगा, इसलिए आम लोगों पर बोझ नहीं पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर धारावी की सूरत बदल जाएगी और हजारों परिवारों को अपना पक्का घर मिलेगा।