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मार्च 2025 तक 1 करोड़ या ज्यादा आय वाले 3.24 लाख व्यक्तिगत करदाता, आयकर आंकड़े

मार्च 2025 तक 1 करोड़ या ज्यादा आय वाले 3.24 लाख व्यक्तिगत करदाता, आयकर आंकड़े तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2025 तक देश में एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या 3.24 लाख दर्ज हुई।

देश की आबादी करीब 140 करोड़ है। इसमें से कितने लोगों की कमाई सात अंकों में, यानी एक करोड़ रुपये या उससे ऊपर है, इसका जवाब आयकर विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में मिलता है। इन आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2025 तक एक करोड़ रुपये या उससे ज्यादा आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं की गिनती सिर्फ 3.24 लाख दर्ज की गई है। पिछले दस साल में एक करोड़ से ज्यादा कमाने वालों की संख्या लगातार बढ़ती रही है।

अब रिटर्न का हिसाब देखिए। आयकर विभाग के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक देश में कुल 9.19 करोड़ आईटीआर (ITR) फाइल किए गए। ये रिटर्न 14.1 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स में से जमा हुए हैं।

3.24 लाख व्यक्तिगत करदाताओं में से 2.97 लाख की आय 1 से 5 करोड़ रुपये के बीच है। इस ब्रैकेट में आने वाले करदाताओं में से 53 फीसदी वेतनभोगी हैं। 5 से 10 करोड़ रुपये के ब्रैकेट में 16,797 व्यक्तिगत करदाता आते हैं, जबकि 10 करोड़ रुपये से ज्यादा आय वाले ब्रैकेट में 10,184 व्यक्तिगत करदाता हैं।

अगर व्यक्तिगत करदाताओं के साथ कंपनियों, फर्मों, ट्रस्ट, एचयूएफ (HUF) और सरकारी संस्थाओं को भी जोड़ लिया जाए, तो एक करोड़ रुपये से ज्यादा आय घोषित करने वाले रिटर्न की कुल संख्या 4.68 लाख तक पहुंच जाती है।

अब पिछले एक दशक की तस्वीर। आयकर विभाग के डेटा से पता चलता है कि 2013-14 से 2025 के बीच करदाताओं के आंकड़ों में बड़ा बदलाव आया है। असेसमेंट ईयर 2013-14 में सिर्फ 44,078 लोग ऐसे थे, जिनकी करपात्र आय (Taxable Income) 1 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। बीते 10 साल में यह संख्या करीब 5 गुना बढ़ी है।

रिटर्न भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं की गिनती भी बढ़ी है। 2013-14 में ये 3.3 करोड़ थे और 2023-24 में बढ़कर 7.54 करोड़ हो गए।

एक और रिपोर्ट के मुताबिक 50 लाख से 1 करोड़ रुपये की आय वाले ब्रैकेट में इन 10 सालों के दौरान 440 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी दिखी। यह आंकड़ा 2013-14 के 1.9 लाख से बढ़कर 5.82 लाख हो गया। इसके अलावा 20 लाख से 50 लाख रुपये की आय वाले ब्रैकेट में 526.5 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सुपर रिच और वेतनभोगी तबके का डेटा भी सामने आया है। असेसमेंट ईयर 2023-24 में 23 व्यक्तिगत करदाता ऐसे थे, जिन्होंने अपनी सालाना आय 500 करोड़ रुपये से ज्यादा घोषित की। 100 से 500 करोड़ रुपये की आय वाले ब्रैकेट में 263 करदाता थे, जिनमें से सिर्फ 19 वेतनभोगी थे। साथ ही 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाले वेतनभोगी करदाताओं की संख्या में 4.7 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

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