महापौर के देवदर्शन दौरे में सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल? नवीन सिंह का शिंदे गुट पर सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवीन सिंह ने महापौर हर्षाली चौधरी के नाशिक दौरे में सरकारी वाहन और कर्मचारियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
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कल्याण-डोंबिवली की सियासत में इन दिनों एक आरोप को लेकर चर्चा गरम है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नवीन सिंह का आरोप है कि महापौर हर्षाली चौधरी के निजी देवदर्शन दौरे के लिए सरकारी वाहन और कर्मचारियों का इस्तेमाल किया गया। इस मुद्दे पर उन्होंने शिवसेना शिंदे गुट को निशाने पर लिया है।
नवीन सिंह के आरोप के मुताबिक, महापौर हर्षाली चौधरी देवदर्शन के लिए नाशिक गई थीं और उनके साथ सरकारी वाहन, ड्राइवर और सुरक्षारक्षक भी थे। इसी दौरे को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
नवीन सिंह ने सवाल उठाया है कि महानगरपालिका के पास फंड की कमी बताई जा रही है, तो फिर किसी निजी कार्यक्रम के लिए सरकारी वाहन और कर्मचारियों का इस्तेमाल कितना ठीक है। उनका कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल करते वक्त नियम और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।
दो दिन पहले नवीन सिंह ने केडीएमटी के रिटायर्ड कर्मचारियों की बकाया रकम न मिलने के विरोध में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका मुख्यालय में भीख मांगकर आंदोलन किया था। इस मामले के बहाने यह मांग भी उठी है कि रिटायर्ड कर्मचारियों का बकाया अटका हुआ है, ऐसे में महापालिका के फंड और सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल कैसे होता है, इस पर प्रशासन साफ जानकारी दे।
नवीन सिंह ने शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं से अपील की है कि वे महापौर के कथित बर्ताव पर उन्हें उचित समझाइश दें।
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीनिवास घाणेकर ने भी कहा है कि निजी कार्यक्रम के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल ठीक नहीं है।
फिलहाल नाशिक दौरे का असल स्वरूप, वाहन के इस्तेमाल की आधिकारिक इजाजत और लागू नियमों की अलग से पुष्टि उपलब्ध नहीं है। महापौर हर्षाली चौधरी या शिवसेना शिंदे गुट की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सफाई आई है या नहीं, इसकी भी पुष्टि नहीं है। आरोप सही हैं या नियमों का उल्लंघन हुआ है, यह साफ होने के लिए संबंधित लोगों की आधिकारिक प्रतिक्रिया जरूरी होगी।