मध्यावधि चुनाव में हार के बाद भी ट्रम्प नरम नहीं, ईरान की जानकारी पर 2 करोड़ डॉलर का इनाम
मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद दुनिया देख रही है कि ट्रम्प का अगला कदम क्या होगा। इसी बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इनाम घोषित हुआ है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार मिली है। खास बात यह है कि टेक्सास में भी ट्रम्प हार गए, जहां रिपब्लिकन पार्टी का दशकों से बड़ा दबदबा रहा है। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत लगभग तय माना जा रहा है।
ट्रम्प सत्ता में यह भाषण और वादे करके आए थे कि बाहर की जमीन पर चल रही जंग बंद करेंगे, अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे और अमेरिकी नागरिकों का जीवन स्तर ऊपर उठाएंगे। लेकिन उन्होंने ईरान पर हमला कर दिया। इस जंग को लेकर कहा जा रहा है कि अमेरिका को इससे कोई फायदा नहीं हुआ, उल्टा नुकसान हुआ। महंगाई बढ़ी, जंग पर बेहिसाब खर्च हुआ और पेट्रोल व गैस के दाम चढ़ गए।
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि ट्रम्प ने ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हमला करवाकर मासूम बच्चों की जान ली, जंग के कई नियम तोड़े और यूक्रेन के राष्ट्रपति का सबके सामने अपमान किया। इन दो सालों में उनके फैसलों से जब अमेरिकी जनता सहमत नहीं रही, तो लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से उन पर लगाम लगाने का इंतजाम कर दिया।
नतीजों के बाद, जब सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत लगभग पक्का हो गया, ट्रम्प एक सार्वजनिक जगह पर लाल टोपी पहने दिखे। उस पर लिखा था मिस्टर वीटो। इसका मतलब यह बताया गया है कि डेमोक्रेट्स चाहे जितना रोकने की कोशिश करें, ट्रम्प अपने विशेष अधिकार यानी वीटो का इस्तेमाल करके जो चाहें कर सकते हैं।
अब पूरी दुनिया की नजर इस पर है कि हार के बाद ट्रम्प नरम पड़ेंगे या और आक्रामक होंगे, क्योंकि अमेरिका के फैसलों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। कहा जा रहा है कि इस्राइल के हिमायती लोगों की अमेरिका में अहमियत को देखते हुए नेतन्याहू या इस्राइली लॉबी ट्रम्प को ईरान पर बड़ा हमला करने के लिए तैयार कर सकती है।
दूसरी तरफ चर्चा है कि चुनाव में हार के बाद ट्रम्प के सलाहकार सतर्क रुख अपनाने के मूड में हैं और ट्रम्प को भी यही सलाह दे रहे हैं। वजह यह है कि ज्यादातर अमेरिकियों की राय बन चुकी है कि ईरान के साथ अमेरिका की जंग गैरकानूनी है। ट्रम्प किस तरफ का फैसला लेंगे, यह अभी साफ नहीं है।
चुनाव हारने के बाद लगा था कि ट्रम्प शांत हो जाएंगे, पर ऐसा होता नहीं दिख रहा। उन्होंने फौरन ईरान के परमाणु सामान के बारे में जानकारी देने वाले को 2 करोड़ डॉलर, यानी 20 मिलियन डॉलर, का इनाम घोषित कर दिया। यह भी कहा गया है कि जानकारी देने वाले की जान को खतरा हुआ तो उसे सुरक्षित जगह पर रखकर उसकी देखभाल की जाएगी।
इसी बीच एक दावा किया गया है कि रूस ने ईरान को चुपचाप कुछ अहम मिसाइलें दी हैं। लोग यह दावा भी कर रहे हैं कि ईरान पर परमाणु हमला हुआ तो रूस खुलकर इस जंग में शामिल हो जाएगा।
यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने नतांज परमाणु ठिकाने के पास रहने वाले लोगों को विकिरण से बचाने के लिए आयोडीन की गोलियां बांटी हैं। साथ ही उसने पहाड़ के नीचे साल भर चलने लायक अनाज का भंडार और रहने का इंतजाम किया है। इन सारी हलचलों को देखकर राजनीतिक विश्लेषक इसे तूफान से पहले की शांति कह रहे हैं।
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