कोरपना में बंधारे का बिल पास करने को 40 हजार की रिश्वत लेते कृषि सहायक एसीबी के हत्थे चढ़ा
चंद्रपुर जिले के कोरपना में बंधारे के बिल के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कृषि सहायक को एसीबी की वर्धा टीम ने रंगे हाथ पकड़ा।
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चंद्रपुर जिले के कोरपना तालुका में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है। यहां कृषि सहायक को बंधारे के काम का पेंडिंग बिल पास करने के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी की टीम ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को शाम के वक्त कोरपना में जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। इस कार्रवाई से सरकारी महकमे और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी लोकसेवक का नाम हरी विठ्ठलराव उदगीरे है। उसकी उम्र 35 साल है और वह कोरपना के तालुका कृषि अधिकारी कार्यालय में कृषि सहायक के पद पर है। वह गडचांदूर की शिक्षक कॉलनी, जिला चंद्रपुर में रहता है, जबकि मूल रूप से लातूर जिले के चाकूर तालुका के हनुमंत जवळगा का रहने वाला है।
मामला 46 साल के एक शिकायतकर्ता का है। उन्होंने एक बंधारा बनाया था और उसका सरकारी बिल पास कराना था। इसी बिल को मंजूर करने के लिए आरोपी ने पहले 55 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बात तय होकर 40 हजार रुपये पर आ गई। रिश्वत की मांग से तंग आकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो, वर्धा में शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत के आधार पर 27 अक्टूबर 2026 को सरकारी पंचों की मौजूदगी में रिश्वत की मांग की पड़ताल की गई। इसमें साफ हुआ कि आरोपी ने रिश्वत मांगी थी। इसके बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और शाम 6 बजे आरोपी हरी उदगीरे को शिकायतकर्ता से तय 40 हजार रुपये की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह रकम 500 रुपये के 80 नोटों की थी।
आरोपी की तलाशी में विवो कंपनी का एक मोबाइल फोन और 595 रुपये कैश मिला, जिसे जब्त कर लिया गया है। उसके घर की तलाशी की प्रक्रिया भी चल रही है। इस मामले में गडचांदूर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई जारी है। आगे की जांच एसीबी चंद्रपुर के पुलिस निरीक्षक श्री. केदार कर रहे हैं।
यह कार्रवाई एसीबी वर्धा टीम के पुलिस निरीक्षक संदीप मुपडे, पुलिस हवालदार मंगेश झामरे और सचिन गाडवे, पुलिस शिपाई प्रीतम इंगळे, लक्ष्मण केंद्रे और विष्णू काळुसे ने की। एसीबी की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी काम के लिए रिश्वत मांगे, तो वे एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क करें।
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