खाने के बाद टहलने से शुगर पर क्या असर पड़ता है, जानिए सही तरीका
डायबिटीज और प्री-डायबिटीज के बढ़ते मामलों के बीच खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की चहलकदमी के फायदे और सावधानियां।
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आजकल डायबिटीज और प्री-डायबिटीज की समस्या दिन-ब-दिन आम होती जा रही है। इसी वजह से कई लोग दवा के बिना ब्लड शुगर कंट्रोल करने के तरीके ढूंढते हैं। चलना एक आसान और असरदार शारीरिक कसरत है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। जिम जाने के बजाय रोज खाने के बाद चलना भी फायदेमंद हो सकता है।
लेकिन अगर किसी को डायबिटीज है और वह दवा या इंसुलिन ले रहा है, तो सिर्फ चलने के भरोसे रहना सही रास्ता नहीं है। ऐसे मरीजों को सही खानपान, नियमित कसरत, वक्त पर जांच और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
चलने से ब्लड शुगर कैसे कंट्रोल होती है, इसका जवाब यह है कि जब हम चलते हैं तो मसल्स को काम करने के लिए एनर्जी चाहिए होती है। ये मसल्स खून में मौजूद ग्लूकोज का इस्तेमाल करते हैं। नियमित चलने से शरीर इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है, जिससे खून में शुगर काबू में रहती है। इसके अलावा रोज चलने से वजन कंट्रोल रखने, पेट की चर्बी घटाने और दिल की सेहत सुधारने में मदद मिलती है। टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए ये सारी बातें अहम हैं। हालांकि इसका असर इंसान की उम्र, सेहत, खानपान और डायबिटीज की हालत पर निर्भर करता है।
आम तौर पर बड़ों को 30 से 40 मिनट शारीरिक कसरत करनी चाहिए। इसमें तेज चलना या हल्की जॉगिंग शामिल हो सकती है। मिसाल के तौर पर, आप हफ्ते में पांच दिन रोज 30 मिनट चल सकते हैं। अगर आपने काफी समय से कसरत नहीं की है, तो 10 से 15 मिनट की हल्की चाल से शुरुआत करें। फिर अपनी क्षमता के हिसाब से धीरे-धीरे वक्त और रफ्तार बढ़ाएं। चलते वक्त सीने में दर्द, रोज से ज्यादा सांस फूलना, चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो तो रुक जाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टरी मदद लें।
खाने के बाद ब्लड शुगर अपने आप बढ़ती है। इस दौरान हल्का चलने से मसल्स ग्लूकोज का इस्तेमाल कर पाते हैं, जिससे खाने के बाद शुगर में होने वाली बढ़त कम करने में मदद मिलती है। आप खाने के बाद 10 से 15 मिनट आराम की चाल से चल सकते हैं। फिर भी खाने के बाद चलने का असर हर इंसान में अलग हो सकता है। अगर आप इंसुलिन या शुगर घटाने वाली दवाएं ले रहे हैं, तो कसरत के दौरान हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर बहुत कम होने का खतरा रहता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने के लिए खाने में सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करने की बात कही गई है। मीठे पेय और ज्यादा शुगर वाली चीजें सीमित मात्रा में लेनी चाहिए। हर 30 से 60 मिनट में उठकर कुछ कदम चलें। वजन ज्यादा हो तो डॉक्टर या डाइटिशियन की मदद से धीरे-धीरे वजन घटाने की कोशिश करें। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ब्लड शुगर और HbA1c की जांच करवाएं।
यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।