खाली पेट नींबू-शहद और नारियल पानी: डॉ. एस. के. सरीन ने बताई सच्चाई
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मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. एस. के. सरीन ने सुबह की आम आदतों को लेकर फैले भ्रम पर अपनी बात रखी।
सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीना, नींबू-शहद लेना या नारियल पानी पीना बहुत लोगों की रोज की आदत है। कई लोग मानते हैं कि इन आदतों से शरीर डिटॉक्स होता है और वजन घटता है। मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. एस. के. सरीन ने हाल ही में Times Network India Health Summit & Awards 2026 में इन्हीं धारणाओं पर बात की और कई गलतफहमियां दूर कीं।
पहला सवाल पेट साफ करने के लिए गरम पानी पीने का था। कई लोग सोकर उठते ही कुनकुना या गरम पानी इसी इरादे से पीते हैं। डॉ. सरीन के मुताबिक यह तरीका पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि पेट साफ होना शरीर की अंदरूनी प्रक्रिया पर और दिमाग व आंतों के आपसी रिश्ते पर टिका होता है। पानी का शरीर या पेट पर सीधा और फौरन कोई असर नहीं होता।
डॉ. सरीन के अनुसार पहले टॉयलेट जाकर कुदरती तौर पर फ्रेश होना जरूरी है और उसके बाद पानी पीना चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत आदतों की वजह से आगे चलकर कब्ज जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
नींबू और शहद के बारे में डॉ. सरीन ने कहा कि इनके सेहत के लिए कई फायदे हैं, लेकिन इन्हें लेने का वक्त बहुत मायने रखता है। उनके मुताबिक नींबू पानी खाली पेट पीने के बजाय खाने के साथ लिया जाए तो शरीर की आयरन सोखने की क्षमता 10 से 20 फीसदी बढ़ जाती है।
शहद को लेकर डॉ. सरीन ने बताया कि उसमें एंटीबॉडीज होती हैं, जिन्हें आंतों की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन शहद में फ्रक्टोज भी होता है। इसलिए शहद लेने पर शारीरिक मेहनत या कसरत करके वह कैलोरी जलाना बहुत जरूरी है, वरना वजन बढ़ने की पूरी संभावना रहती है।
नारियल पानी पर डॉ. सरीन ने कहा कि आजकल रोज सुबह खाली पेट इसे पीना एक फैशन बन गया है। उनके मुताबिक नारियल पानी में पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व भरपूर होते हैं, फिर भी इसे रोज पीने की जरूरत नहीं है।
डॉ. सरीन का कहना है कि शरीर की मुख्य और कुदरती जरूरत सिर्फ साफ पानी की होती है। अगर कोई सेहतमंद और संतुलित खाना खा रहा है, तो उसे रोज नारियल पानी पीने की जरूरत नहीं पड़ती।
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